KarwaChauth : करवा चौथ की व्रत व कथा विधि

इस वर्ष 30 अक्टूबर को करवा चौथ मनाई जाएगी. सुहागिनें इस दिन विधि विधान से व्रत, पूजा और चौथा माता की कथा श्रवण करेंगी. राजस्थान के लोकाचारानुसार यहां पढ़ें, करवा चौथ की व्रत व कथा विधि-
सामग्री: रोली , मोली , पताशा ,चावल , गेहू , करवां , पानी का कलश ,लाल कपड़ा ,चाँदी की अँगूठी एक ब्लाउज पीस ।
पूजा : कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है यह व्रत सुहागिन महिलाए अपने पति की लम्बी आयु व स्वस्थ जीवन के लिए करती है ।

KarwaChauth : सात भाई और उनकी लाडली बहन है करवा चौथ के मुख्य किरदार, क्या आप जानते हैं इनकी पूरी कहानी?

सात भाई थे उनके एक बहन थी । सभी भाई अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे और हमेशा उसके साथ ही खाना खाते थे । जब बहन की शादी हो गई तो बहन ने करवां चौथ का व्रत किया ।सभी भाई शाम को खाना खाने बैठे तो अपनी बहन को खाने की लिए बुलाया।
तब बहन ने कहा कि "आज मेरे चौथ माता का व्रत है " तब भाइयो ने सोचा की चाँद पता नही कब तक उदय होगा अपनी बहन तो भूखी है उन सबने उपाय सोचा और पहाड़ पर जाकर आग जलाई और उसके आगे चालनी लगाकर चाँद बना दिया और बोले कि "बहन चाँद उग आया "वह अपनी भाभियों से बोली कि "चाँद उग आया "

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तो भाभियां बोली कि " ये चाँद आप के लिए उगा है वह भोली थी नकली चाँद के अर्ग देकर भाइयो के साथ खाना खाने बैठ गई ।उसने जैसे ही पहला ग्रास तोडा तो उसमे बाल आ गया , दूसरा तोड़ा इतने में उसके ससुराल से बुलावा आ गया की लड़की को तुरंत ससुराल भेजो ।जब माँ ने बेटी को विदा करने के लिए कपड़ो का बक्सा खोला तो उसमे भी सबसे पहले काला कपड़ा ही निकला तब माँ बहुत डर गई ।उसने अपनी बेटी को एक चाँदी का सिक्का देते हुए कहा कि "तुझे रास्ते में जो भी मिले उसके पैर छूती जाना और जो तुझे सुहागन होने का आशीर्वाद दे उसे ये सिक्का दे देना और अपने पल्लू पर गांठ बांध लेना "। वो पुरे रास्ते ऐसा ही करती गई पर किसी ने उसे सुहागन होने का आशीर्वाद नही दिया । जब वह अपने ससुराल पहुचीं तो बाहर उसकी जेठुती खेल रही थी उसने उसके पैर छुए तो उसने सदा सुहागन का आशीर्वाद दिया तो उसने सिक्का जेठुती को दिया और पल्लू पर गांठ बांध ली ।जब घर के अन्दर गई तो देखा की उसका पति मरा पड़ा है।

8 महीने की बेटी को लेकर ट्रेन से कूदी मोनिका, दो दिन से नहीं आया है होश

ये घटना दो दिन पहले रविवार को मुंबई के विद्या विहार रेलवे स्टेशन की है. यहां युवती अपनी 8 माह की बेटी को लेकर ट्रेन से कूद गई. युवती का नाम मोनिका वैती (21) है। इस घटना मोनिका को सिर में गहरी चोटें आई हैं. जबकि बेटी काव्या के हाथ में भी हल्का फ्रेक्चर आया है. पूरा मामला कुर्ला जीआरपी देख रही है.
महिला और उसकी बेटी रात 11:45 बजे ट्रेक के बीच में घायल अवस्था में पड़ी मिली थी. उसे जीआरपी ने राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया.

बच्चे को बुखार हो तो घबराएं नहीं, क्या करें ? क्या न करें ? यहां पढ़ें

राजस्थान ही नहीं पूरे उत्तरी भारत में इन दिनों मौसमी बीमारियों ने कोहराम मचा रखा है. खासतौर पर डेंगू, मलेरिया, वायरल और स्वाइन फ्लू ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है. आखिर इन बीमारियों पर काबू पाएं तो कैसे? सबसे बड़ी बात है कि मौसमी बदलाव से तो कभी मच्छरों के काटने के बार आने वाले हर बुखार के साथ ही लोगों में इन जानलेवा बीमारियों की आशंका घर कर जाती है और वहीं से पेचिदगी बढ़ना शुरू हो जाती है. इन दिनों जयपुर में ऐसे खूब मामले सामने आ रहे हैं.

क्या अपको पता है रेणुका माता मंदिर कहां हैं? जानिए, क्यों प्रसिद्ध है यह मंदिर?

आपको पता होगा परशुराम भगवान विष्णु के आवेशावतार थे. रेणुका देवी उन्हीं की माता थी. उनके पिता का नाम जमदग्नि था. परशुराम के चार बड़े भाई थे लेकिन गुणों में यह सबसे बढ़े-चढ़े थे. पौराणिक कथा के अनुसार एक दिन गन्धर्वराज चित्ररथ को अप्सराओं के साथ विहार करता देख हवन हेतु गंगा तट पर जल लेने गई रेणुका आसक्त हो गयी और कुछ देर तक वहीं रुक गयीं। हवन काल व्यतीत हो जाने से क्रुद्ध मुनि जमदग्नि ने अपनी पत्नी के आर्य मर्यादा विरोधी आचरण एवं मानसिक व्यभिचार करने के दण्डस्वरूप सभी पुत्रों को माता रेणुका का वध करने की आज्ञा दी. लेकिन मोहवश किसी ने ऐसा नहीं किया. तब मुनि ने उन्हें श्राप दे दिया और उनकी विचार शक्ति नष्ट हो गई. अन्य भाइयों द्वारा ऐसा दुस्साहस न कर पाने पर पिता के तपोबल से प्रभावित परशुराम ने उनकी आज्ञानुसार माता का शिरोच्छेद कर दिया. यानी सिर धड़ से अलग कर दिया. यह देखकर महर्षि जमदग्नि बहुत प्रसन्न हुए और परशुराम को वर मांगने के लिए कहा.
कहां हैं रेणुका माता का मंदिर?

(Renukaji is connected by road. It is 315 km from Delhi. The nearest rail head is at Ambala (95 km) Dehradun (105km) and Chandigarh (95 km). The nearest airports are at Chandigarh and Dehradun. Taxis/buses are available for Renukaji at all places.)

'I AM IN LOVE' के लिए जयपुर आएंगी रेनू चौधरी

गायिका रेनू चौधरी अपने अपकमिंग म्यूजिक एलबम I AM IN LOVE को प्रमोट करने गुरुवार को जयपुर पहुंचेंगी. मुंबई में अपनी मॉडलिंग और यायिकी का जलवा बिखेर चुकी रेनू का यह डेब्यू म्यूजिक एलबम है. 
रेनू इस एलबम को लेकर खासी एक्साइटेड हैं और इसकी लॉन्चिंग का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं. जयपुर आने से पहले जयपुरबज से बातचीत में रेनू ने बताया कि मैं यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली हूं और महज 13 साल की उम्र से ही माता के जगरातों में गाना शुरू कर दिया था. मां की रजामंदी नहीं मिलने के बाद भी मैंने सिंगिंग को बतौर कॅरियर अपनाया. हालांकि, पिता ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया और आज मैं अपना एलबम लॉन्च करने जा रही हूं.
रेनू का कहना है कि उसके इस पहले एलबम में रोमांटिक, सूफी नगमों के साथ दर्दभरे सेड सॉन्ग भी होंगे.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अस्पताल में लगाया पौंछा, विधायक दीया कुमारी भी रही साथ

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सवाई माधोपुर के दौरे पर दो अक्टूबर को सवाई माधोपुर के अस्पताल पहुंची और स्वच्छ भारत अभियान के तहत पौंछा लगाया.
अस्पताल में सभी कर्मचारी, डॉक्टरों और अन्य अधिकारियों को संदेश देने के लिए ही वसुंधरा राजे ने यहां पौंछा लगाया। हालांकि यह बात और है कि जो फर्श उनके आने की हलचल के चलते पहले ही साफ कर दी गई थी, उसी पर उन्होंने पौंछा लगाया।  वसुंधरा ने अस्पताल प्रशासन को सतर्क किया कि वे जहां मरीज और उनके परिजन आते हैं, कम से कम उस जगह को तो पूरी तरह साफ रखें, ताकि यहां की गंदगी से और बीमारियां नहीं हो पाएं। पौंछा लगाने के बाद वसुंधरा राजे ने यहां बैठकर चाय पी और अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देश दिए।

गजेंद्र का परिवार किस हाल में है? उसकी बेटी कहां है?

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दादरी का बिसहाड़ा गांव इन दिनों ‘पिपली लाइव’ बना हुआ है. जिसे देखो वही मरहूम अखलाक के परिवार का हिमायती बनकर सियासी रोटी सेंक रहा है. अखलाक के साथ जो हुआ गलत हुआ. दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए, लेकिन गमगीन परिवार के बीच सियासी तमाशा ठीक नहीं, क्योंकि हमदर्द के लिबाज में आने वाले नेता चंद दिनों बाद यह भी भूल जाते हैं कि उन्होंने क्या वादे किए थे? साढ़े पांच महीने पहले दिल्ली में आप पार्टी की किसान रैली में फांसी लगाने वाले परिवार के साथ ऐसा हो चुका है. मदद की डींगे हांकने वाले नेता, सरकारें सब अपना वादा भूल चुकी हैं. पिता की मौत के बाद 10 लाख रुपए की मदद ठुकारने वाली मेघा कंवर आज अपनी कॉलेज की पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष के दौर से गुजर रही है. लेकिन आज किसी को काेई इल्म नहीं है कि गजेंद्र का परिवार किस हाल में है? मीडिया की सुर्खियों में आने वाली उसकी बेटी कहां है? हां, दादरी कांड ने इस परिवार के जख्म जरूर हरे कर दिए.

विश्व अहिंसा दिवस जयपुर में मीणा आक्रोश रैली, राजधानी रहेगी जाम

सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर उपजे मीणा-मीना जाती विवाद में गुर्जरों को दिए गए आरक्षण के बाद आया उबार शुक्रवार को चरम पर होगा. विधायक डॉ.किरोडीलाल मीणा के नेतृत्व में मीणा और मीणा दोनों को आरक्षण का लाभ देने के समर्थन में राजधानी जयपुर में 'मीणा आक्रोश रैली' का आयोजन किया गया है. इसके चलते एक बार फिर पिंकसिटी में हंगामे के आसार बन रहे हैं.
जयपुर पहुंचे ग्रामीण रैली से एक दिन पहले रैली के रोड मैप से रूबरू हुए.

जंगल से गांव आए पैंथर का सिर मटके में फंसा, रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से निकल कर एक पैंथर आबादी वाले इलाके में गांव सादुलखेड़ा पहुंचा तो अजीव आफत में फंस गया. पानी पीने के चक्कर में उसका मुंह एक स्टील के मटके में फंस गया. दरअसल इस पैंथर को प्यास लगी थी और इस हादस में उसकी प्यास बुझने के स्थान जान ही सांसत में पड़ गई. आखिर करीब 7-8 घंटे बाद वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू आॅपरेशन को अंजाम देते हुए पैंथर के सिर से मटका निकाला. इसके बाद उसे वापस से जंगलों में छोड़ दिया गया.

विधायक हनुमान बेनीवाल के समर्थक छात्रों पर राजस्थान यूनविर्सिटी में लाठीचार्ज

राजधानी जयपुर स्थित यूनिवर्सिटी कैम्पस में एमएलए हनुमान बेनीवाल के समर्थन में रैली निकाल रहे छात्रों पर बुधवार को पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान हुई भगदड़ में दर्जनों छात्रों के साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए. यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज ग्राउंड में जाट समाज से जुड़े छात्रों का विरोध प्रदर्शन चला. किसान युवा आक्रोश रैली के नाम से जाट समाज के छात्र विधायक हनुमान बेनीवाल पर हुए हमले के विरोध में रैली निकाल रहे थे.

जयपुर में गणगौर माता की सवारी के दौरान रहेगी यातायात की विशेष व्यवस्था

पुलिस उपायुक्त यातायात श्री हैदर अली जैदी ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गणगौर माता की सवारी 30 एवं 31 मार्च को साय 6 पी.एम पर न...