शराबबंदी पर राजनीति किसने की? कांग्रेस सरकार ने? गहलोत ने? या भाजपा ने?



हलोत ने विधान सभा चुनाव से पहले शराब बंदी के लिए छाबड़ा से जो समझौता किया था। नई बनी वसुन्धरा राजे की सरकार ने उस समझौते को तोड़ मरोड़ दिया। इसके चलते पांच महीने बाद ही छाबड़ा को 1 अप्रेल 2014 से अपना अनशन शुरु करना पड़ा। इस दिन से सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। एक तरह से यह सरकार और छाबड़ा में सीधी टकराव की शुरुआत थी। इस के चलते सरकार का छाबड़ा से अनशन के 45 वें दिन समझौता हुआ।

जयपुर में गणगौर माता की सवारी के दौरान रहेगी यातायात की विशेष व्यवस्था

पुलिस उपायुक्त यातायात श्री हैदर अली जैदी ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गणगौर माता की सवारी 30 एवं 31 मार्च को साय 6 पी.एम पर न...