सर्वेश मालू

KarwaChauth : सात भाई और उनकी लाडली बहन है करवा चौथ के मुख्य किरदार, क्या आप जानते हैं इनकी पूरी कहानी? सात भाई थे उनके एक बहन थी । सभी भाई अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे और हमेशा उसके साथ ही खाना खाते थे । जब बहन की शादी हो गई तो बहन ने करवा... jaipur nagar nigam new contact list कॉल सेन्टर 2743190 5110111 डी.एल.बी. 2222403 सिटीजन हैल्प लाइन 2743190 273 च्ठग् पी.बी.एक्स नं0 (निगम) 5105157 5108405 5113425 कन्ट्र... 75 फीसदी लड़कियां कर लेती हैं स्कूल में सेक्स..! 'मैं कुंवारी हूं, लेकिन मुझे सेक्स के बारे में सबकुछ पता है, मेरी क्लास की 75 फीसदी लड़कियां सेक्स कर चुकी हैं, अगर मेरे ब्वायफ्रेंड... 8 महीने की बेटी को लेकर ट्रेन से कूदी मोनिका, दो दिन से नहीं आया है होश ये घटना दो दिन पहले रविवार को मुंबई के विद्या विहार रेलवे स्टेशन की है. यहां युवती अपनी 8 माह की बेटी को लेकर ट्रेन से कूद गई. युवती का ना... anm bhanwari devi sex thrills ready to blast on box-office Jaipur. rajasthan's most mysterious sex scandal anm bhanwari devi just ready to blast in Indian cinema. it's rc media entertainment ... जयपुर से सीधे वैष्णो देवी तक की ट्रेन जयपुर। जयपुर से वैष्णो देवी के दर्शन को जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब ऐसे यात्रियों को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से टैक्सी या बस... राजस्थान यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज में गर्ल्स ने सेलिब्रेट किया फ्रेशर्स डे जयापुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज में मंगलवार को फ्रेशर्स डे सेलिब्रेट किया गया. इसमें कॉलेज गर्ल्स ने गर्मजोशी से पार्टिसिपेट क... क्या अपको पता है रेणुका माता मंदिर कहां हैं? जानिए, क्यों प्रसिद्ध है यह मंदिर? आपको पता होगा परशुराम भगवान विष्णु के आवेशावतार थे. रेणुका देवी उन्हीं की माता थी. उनके पिता का नाम जमदग्नि था. परशुराम के चार बड़े भाई थे... जयपुर के स्कूल में 'पोर्न' एसएमएस,125 मोबाइल जब्त! जयपुर। 'पोर्न' एमएमएस को लेकर जयपुर के एक सरकारी स्कूल की प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुई है। कथिततौर पर इस स्कूल की कुछ स्टूडेंट्स का ... ABVP का मतलब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नहीं यहां अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद भारतीय जतना पार्टी की विचार धारा वाला छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानि ABVP का मतलब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नहीं ...

PCPL Fashion Show

The show stopper Shriya Kishore with international models along with the team owners of the ‘PM Rungta Pink City Premier League’ (PCPL) cricket tournament. The team uniforms were display today at the spectacular fashion show at Hotel Clarks Amer. 

टूरिज्म में 'घोस्ट'...राेमांच से भरपूर

चौंकिएगा नहीं, जयपुर आने वाले टूरिस्ट डर से रोमांचित होना चाहते हैं, तभी गाइड उन्हें भूतहा किस्से-कहानियां सुनाते हैं 

जयपुर. भूत की मौजूदगी का अहसास, डरावना माहौल व रोमांचित कर देने वाले किस्से-कहानियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। यही वजह है कि लोग भूतहा जगहों को सैर-सपाटे और छुट्टिïयां बिताने के लिए चुन रहे हैं। जी हां, यूरोपियन कंट्रीज के बाद जयपुर में भी 'घोस्ट टूरिज्म' उभर रहा है। 

टूरिस्ट कुछ नया सुनने का मूड लेकर आते हैं। यहां के किले, महल, पुराने व ऐतिहासिक स्थलों पर गाइडों द्वारा टूरिस्टों को सुनाए जा रहे डरावने किस्से घोस्ट टूरिज्म को बढ़ावा दे रहे हैैं। कुछ जगहों को लेकर डॉक्यूमेंट्रीज और फिल्में भी बन चुकी हैं। जयपुर में फिल्माई गई 'भूल-भूलैया' फिल्म ने भी यहां घोस्ट टूरिज्म को पब्लिसिटी दिलाने का काम किया है। मूवी देखने के बाद डोमेस्टिक टूरिस्ट की रुचि भी घोस्ट टूरिज्म की ओर बढ़ी है। वे गाइड से मांग करते हैं कि उन्हें भूतों से जुड़े किस्से-कहानियां सुनाए जाएं।

टूरिस्ट जानना चाहते हैं...
अधिकतर लोगों को यहां के ऐतिहासिक स्थलों से जुड़े किस्से-कहानियों की जानकारी नहीं होगी, और न ही जानने की उत्सुकता, लेकिन विदेशी टूरिस्ट इन कहानियों को पसंद कर रहे हैं। जयपुर टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. महावीर सिंह नाथावत के अनुसार कुछ टूरिस्ट तो सिर्फ ऐसी ही लोकेशन्स पर जाना चाहते हैं, जो किसी न किसी रहस्य व भूतहा कहानियों में शामिल हो। विदेशी टूरिस्ट्ïस की हिस्टॉरिकल नॉलेज के साथ रोमांचक व रहस्यमयी बातें जानने में रुचि होती है। ऐसे टूरिस्ट की संख्या अब लगातार बढ़ रही है।

'भूतों का  भानगढ़' अब खण्डहर 
अरावली हिल्स के घने जंगलों के बीच बना भानगढ़ अब खण्डहर में तब्दील हो चुका है। इसको लेकर इतने रहस्यमयी किस्से-कहानियां प्रचलित हैैं कि इसे आम बोलचाल में भूतों का भानगढ़ कहा जाता है। इस पर पिछले दिनों Óभूतों का भानगढ़Ó नाम से फिल्म भी बन चुकी है। इसके बाद टूरिस्ट्स की भी इन किस्सों में रुचि बढ़ गई है। यहां पास से ही नदी गुजरती है, जिसकी आवाज सन्नाटे को अजीब सा बना देती है। भारतीय पुरातत्व विभाग का भानगढ़ फोर्ट से एक मील दूर बना ऑफिस इस डर को और बढ़ाता है। रात्रि में यहां किसी के भी रुकने पर सख्त पाबंदी है। विभाग की इन अतिरिक्त सावधानियों ने टूरिस्ट्स के मन में इसके बारे में और अधिक जानने की जिज्ञासा बढ़ा दी है। www.4to40.com वेबसाइट के अनुसार भानगढ़ इंडिया के टॉप टेन घोस्ट हंटेड प्लेसेज में शामिल है। यहां की वीडियो फिल्म्स और फोटो भी यू ट्ïयूब जैसी वेबसाइट्ïस पर बड़ी संख्या में हैैं।

क्या है घोस्ट टूरिज्म
क्या है घोस्ट टूरिज्मदरअसल यूरोप में घोस्ट टूरिज्म का फंडा पुराना है। वहां लोग भूतहा जगहों पर जाकर रोमांचित होते रहते हैं। वे भूतों के अस्तित्व को जानने व परखने के लिए ऐसी जगहों पर रुकते हैं और वहां के डर को महसूस करते हैं। भूतहा जगहों पर रुक कर भूतों के डर को भगाने (घोस्ट हंटिंग) का शौक उनमें दीवानगी की हद तक है। इसे ही घोस्ट टूरिज्म का नाम दिया गया है। अब यही शौक यूरोपियन लोग पिंकसिटी में पूरा कर रहे हैं।

सब रोमांच के लिए
रहस्यमयी किस्सों में सत्यता चाहे कुछ भी हो, इससे टूरिस्ट्स को कुछ खास मतलब नहीं। गाइड बताते हैं कि उन्हें तो सिर्फ  उस डर को एंजॉय करना है। इसी डर की वजह से नाहरगढ़, भानगढ़, आमेर, आमेर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर तथा जयगढ़ जैसी जगह घोस्ट टूरिज्म के आकर्षण का केन्द्र हैं। हम भी किवदंतियों के अनुसार किस्से सुनाते हैं।

घोस्ट हंटर्स की पसंद
आप अनुमान लगा सकते हैं कि कुछ लोग भूत बंगलों व महलों में वहां की कला देखने नहीं अपितु भूतों का शिकार करने जाते हैं। ये लोग भूत के शिकार(घोस्ट हंटिंग) के लिए छुट्टिïयों में भूतहा महल यात्राओं पर आते हैं। रोमांच से भरपूर इन यात्राओं में यूरोपियन घोस्ट हंटर्स सोसायटी के लोग अधिक होते हैं। जयपुर घूमने आए टूरिस्ट मार्क पीटर जो न्यू जर्सी घोस्ट हंटर्स क्लब के मेम्बर हैं, बताते हैं कि उटाह घोस्ट हंटर्स सोसायटी, फिलाडेल्फिया घोस्ट हंटर एलायंस साउथ मिशिगन, न्यू जर्सी घोस्ट हंटर्स और ऐसे ही ऑर्गेनाइजेशन्स से जुड़े लोगों के लिए जयपुर लोकेशन पसंदीदा बनती जा रही है।

यूरोप में घोस्ट टूरिज्म का चलन काफी बढ़ चुका है। हमने राजस्थान में भी ऐसी जगहों के बारे में सुना है, जिनसे भूतहा कहानियां जुड़ी हुई हैं। मैं और मेरे पति दोनों इस बार छुट्टिïयों में ऐसी ही जगह घूमने वाले हैं।
- एलिन निकोलस, टूरिस्ट, कनाडा
आमेर फोर्ट के तहखाने में अमरीकी टूरिस्‍ट एलिन व बैंजामिन।
मैंने इंडिया आने से पहले इंटरनेट पर यहां के टॉप डेस्टिनेशन्स के बारे में जाना है। हैरिटेज के साथ मुझे वहां की ओल्ड स्टोरीज में भी इंटरेस्ट है। मैं पुरानी जगहों से जुड़ी कहानियों के बारे में भी जानने को उत्सुक हूं। घोस्ट हंटेड भानगढ़ भी मेरी लिस्ट में है, मैं वहां जरूर जाना चाहुंगा, सुना है वहां आज भी भूतों का राज है! सत्यता कुछ भी हो, लेकिन मजा आता है।
- बैंजामिन, टूरिस्ट, अमरीका

बदले एजुकेशन सिस्टम

राजस्थान विश्वविद्यालय के सीनेटर, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सदस्य के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण पदों रहते हुए अपनी सेवाएं देने वाले शिक्षाविद्ï अमर चन्द्र जैन किसी परिचय के मौहताज नहीं हैं। शिक्षा क्षेत्र में विगत 55 साल से अपनी सेवाएं देने वाले जैन आज भी अपने लेखन व विचारों से शिक्षा जगत में अपना योगदान दे रहे हैं। इनके विचारों में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में आमुलचुल परिवर्तन की जरूरत है। हाल ही में उनके इन विचारों के साथ मैं मुखातिब हुआ। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश-

मेरी प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील में हुई। ग्रेजुएशन के बाद मैं हायर एजुकेशन के लिए मुझे जयपुर आना पड़ा। यहां महाराजा कॉलेज से एम.कॉम. के बाद एल.एल.बी. की डिग्री ली। पढऩे-लिखने में मेरी रुचि शुरु से रही यही कारण रहा कि आगे चलकर मैंने अपने कॅरियर के रूप में शिक्षा क्षेत्र का चुना।

मिला जॉब सेटिसफिकेशन
मैंने ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। अब मेरे सामने कॅरियर के कई रास्ते थे। इसी बीच मैंने एल.एल.बी. की पढ़ाई की। लेकिन अब भी मेरा वकालत करने का मानस नहीं बना। बात अपने सिद्धान्तों व अभिरुचि की थी। अन्तत: मैंने बी.एड. करने का फैसला किया। शिक्षण क्षेत्र में अपने कॅरियर की शुरुआत करने के बाद मुझे जॉब सेटिसफिकेशन मिला। अध्यापन का काम शुरू से ही आदर्श रहा है। लेकिन वर्तमान में यह बाजारीकरण का शिकार होता जा रहा है। कॉचिंग व ट्ïयूशन के नाम पर होने वाला कारोबार फलफूल रहा है। ऐसे में सरकारी व्यवस्था आज भी ठीक साबित हो रही है, क्योंकि यहां पर शिक्षकों की नियुक्ति का आधार योग्यता है। वेतनमान बढऩे से अब प्रतिभावान व महत्वाकांक्षी युवा वर्ग भी इस ओर आकर्षित हुआ है।

लेकिन सबसे अहम बात शिक्षा से व्यक्तित्व निर्माण
शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण करना है। आधुनिक शिक्षा पद्दति में अब इन सिद्धानों को दरकिनार कर दिया है। नैतिक शिक्षा व शाररीरिक शिक्षा के पिरियड अब स्कूलों से गायब होते जा रहे हैं। वर्तमान में शिक्षा को रोजगार का साधन समझा जा रहा है। डिप्लोमा डिग्री कोर्स अब एकमात्र अच्छी नौकरी का माध्यम बनकर रह गए हैं। ऐसे में यदि जल्द ही चेता नहीं गया तो इसका खमियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा।
नम्बर का खेल हो खत्म
मेरा मानना है कि एग्जाम के नाम पर बच्चों में भय का वातावरण बिल्कुल खत्म हो जाना चाहिए। इसके लिए अपने एजुकेशन सिस्टम में बदलाव के साथ पेरेंट्ïस की मानसिकता में भी परिवर्तन जरूरी है। मैंने कई बार देखा है कि बच्चे 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने के बाद भी संतुष्टï नहीं दिखते। नम्बरों का यह खेल उन्हें कुण्डा का शिकार बना देता है। इसके लिए ग्रेड सिस्टम कारगर साबित हो सकता है। जल्द ही सीबीएसई भी उच्च कक्षाओं में इसी तरह का ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने वाला है।
जेनरेशन गेप बड़ी समस्या
कभी संयुक्त परिवार ही होते थे। एकल परिवार पर अगुंली उठाने वालों की कमी नहीं थी, लेकिन अब बात बिल्कुल विपरीत हो गई है। जेनरेशन गेप की समस्या ने संयुक्त परिवार के कॉन्सेप्ट को ही खारीज कर दिया है। आधुनिक परिवेश व शहरी जीवनशैली में संयुक्त परिवार व्यवहारिक तौर पर भी टेढ़ी खीर बन के रह गए है। लेकिन हां, यह भी सही है कि जेनरेशन गेप की समस्या ग्लोबलाइजेशन के साथ बढ़ती जा रही है।
तैयार किया ब्लू पिं्रट
मुझे आज भी याद है जब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पहली बार मल्टी च्वाइस टाइप प्रश्नों को परीक्षा प्रश्न पत्रों में शामिल किया गया। उस समय मैं बोर्ड के मैम्बर्स में था और लेखाशास्त्र के सेम्पल पेपर्स और ब्लू प्रिंट मैंने ही तैयार किए थे। यह परिवर्तन बच्चों के लिए उत्तर देने में आसान भी साबित हुआ और सेलेबस को पूरी तरह से कवर करने के लिए व्यवहारिक भी।
कल किसने देखा है
मैं हमेशा वर्तमान में जीया हूं। भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है इसकी चिंता भला क्यूं करें। भूत व भविष्य की चिंता कर अपने आज को कभी प्रभावित नहीं होने दिया। अपने सेवाकाल में भी इसी सिद्धान्त पर काम किया। अपनी पोस्टिंग को लेकर कभी मोह नहीं रखा, यहीं कारण रहा कि विभिन्न विभागों में काम करते हुए मैंने कई जगहों पर पोस्टेड रहा।
सख्त काननू व चुस्त प्रशासन हो
देश और दुनिया के लिए आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौति बन गया है।  हाल ही में मुम्बई की आतंकी घटना भारतीय खुफिया तंत्र पर तमाचा साबित हुई है। सुरक्षाकर्मियों के पास हथियारों की बात करें अथवा कानूनी खामियों की, सुधार की जरूरत है। अब आतंक के इससे निपटने का समय आ गया है। पाकिस्तान पर आर्थिक व राजनैतिक दबाव डालने के प्रयास जरूरी है।
उपलब्धियां
सन 2007 में राजस्थाना जन मंच की ओर से 'समाज रत्न' सम्मान
राजस्थान विश्वविद्यालय के सीनेटर रहे
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान के सदस्य
विभिन्न शिक्षा बोर्डों में आठ से ज्यादा पाठ्ïय पुस्तके प्रकाशित
शोभा स्मृति कोष चैरीटी ट्रस्ट के चैयरमैन
लेखाशास्त्र पर आधा दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन

इंश्योरेंस के बावजूद स्टूडेंट अरसुरक्षित

-अवेयरनेस के अभाव में काम नहीं आ रही गवर्नमेंट की इंश्योरेंस स्कीम

जयपुर. देश के भावी नागरिकों स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए गवर्नमेंट की ओर से शुरू की गई महत्वाकांक्षी इंश्योरेंस स्कीम उदासिनता का शिकार हो गई है। अवेयरनेस की वजह से स्टूडेंट्स तक इसका फायदा नहीं पहुंच पाया है। सड़क दुर्घटना एवं अकाल मौत का शिकार होने वाले विभिन्न गवर्नमेंट व प्राइवेट स्कूल स्टूडेंट्स के लिए करीब ४ साल पहले शुरू की गई विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना फाइलों में दम तोड़ रही है। एक्सपर्ट्र्स के अनुसार इसके पीछे संस्था प्रधानों की अरुचि और शिक्षा विभाग की उदासिनता सबसे बड़ा कारण है।  यही कारण है कि इस स्कीम का लाभ स्टूडेंट्स को नहीं मिल पा रहा है। 



योजना के पूर्ण रूप से क्रियान्वयन नहीं होने पर इसमें संशोधन कर प्रीमियम राशि को भी कम किया गया, इसके बावजूद भी नतीजा शून्य ही रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अनुदानित, गैर अनुदानित और निजी शिक्षण संस्थानों के छात्रों की सुरक्षा को लेककर अप्रैल २००६ में इस योजना की शुरुआत की गई, लेकिन यह अपने प्रारंभिक दौर में ही परवान न चढ़ सकी। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग ने कक्षा एक से आठ एवं नौ से बारह तक के विद्यार्थियों से ५६ रुपए प्रीमियम राशि लेकर विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा करने संबंधी परिपत्र जारी किया था। आरंभिक दौर में ही योजना के धूल फांकने पर विभाग ने नियमों में तब्दीलियां करते हुए कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों से दस रुपए एवं कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों से पच्चीस रुपए प्रीमियम राशि लेकर दस से बीस हजार रुपए का बीमा तथा २५ रुपए प्रीमियम वाले छात्रों का ५० हजार रुपए का बीमा करने के आदेश दिए थे।

नहीं हैं जानकारी-

कई सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों को इस योजना के बारे में जानकारी तक नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें इस आशय बाबत आदेश भी प्राप्त नहीं हुए हैं। वहीं निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों का कहना है कि योजना का स्वरुप स्वैच्छिक है अत: वह अभिभवकों पर दबाव भी नहीं डाल सकते। योजना को लागू करने के लिए विद्यालयों में होर्डिंग और बोर्ड लगाने तथा गोष्ठियां आयोजित कर छात्रों और अभिभावकों को इस योजना के विषय में संपूर्ण जानकारी और फायदे बताए जाने थे, लेकिन यह भी संभव नहीं हो पाया।

इधर योजना के सफल मूर्तरूप न ले पाने के कारण शिक्षा विभाग ने समस्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अभिभावकों और छात्रों को प्रेरित करने में ढिलाई बरतने वालों के विरूद्ध कार्यवाही के आदेश भी जारी किए थे, लेकिन योजना के साथ ही इन आदेशों की भी पालना नहीं की गई और छाद्ध कल्याण से जुड़ी एक स्वर्णिम योजना फाइलों में धूल फांक रही है।


FLO Fellowship Meet at Taj Mahal

Jaipur, 02 March: The members of the FICCI Ladies Organization (FLO), Jaipur Chapter had a fun time during their fellowship meet held recently at Taj Mahal in Agra. To give an added effect to the city of Agra all the members were dressed thematically.  This was informed today by the Chairperson of the FLO Jaipur Chapter, Ms. Bela Badhalia. It was great networking and bonding experience for all participants, said Ms. Badhalia.

 

She further informed that on the occasion, FLO members also visited the Gupta Overseas, a shoe factory which export boots and shoes to Europe & Scandinavian countries and to International Footwear Brands. Members were amazed to know that the company manufactures around 6000 boots per day. While in the factory, they also visited Selection, R & D, Finishing, Packing and Q&C departments of the organization. The members also got first hand information the type of leather used in making, cutting, designing and about the finishing of the products.



प्लेनेटोरिमय एप ने बढ़ाया एस्ट्रोनॉमी क्रेज

जयपुर। शहर के आसमां पर आज कौन-कौन से सितारे अपनी चमक बिखेरने वाले है, चंद्रमा की कौन सी कला आज नजर आएंगी। यहीं नहीं महीने भर का स्टार मैप भी आप अपने आईपेड,स्मार्ट फोन,लेपटॉप या फिर डेस्कटॉप पर देख सकते हैं। हम बात कर रहे है गुगल क्रोम पर हाल ही उपलब्ध कराई गई  प्लेनेटोरियम एप्लिकेशन की। इंटरनेट ब्राउजर के रूप में गुगल क्रोम का यूज करने वालों के बीच इन दिनों ऐसी ही अन्य एप्लिकेशन्स चर्चा में हैं। क्रोम के होम पेज उपलबध वेब स्टोर से प्लेनेटोरियम एप्लिकेशन डाउनलोड कर अपने शहर का स्टार मैप की जानकारी लेने वालों में यूथ सबसे आगे है। हमने ऐसे ही कुछ टेक्नोसेवी शहरवासियों और स्टूडेंट्स से क्रोम की इन एप्लिकेशन्स पर बातचीत की, अधिकतर के जवाब में इसे वेब बेस्ड इस एप्लिकेशन को लेटेस्ट और इंटरेस्टिंग बताया। 


नेट पर जयपुर का आसमां 

क्रोम की इस लेटेस्ट एप्लिकेशन को डाउनलोड करने के बाद आप दुनिया के किसी भी जगह का  स्टार मैप देख सकते है। इसी एप्लिकेशन की एक खास बात यह भी है कि इसमें आप अपनी लोकेशन सेट करके वहां के स्टार मैप को बाय डिफाल्ट देख सकते हैं। खगोलिय विषयों में रचि रखने वाले एमएनआईटी हेमंत मिश्रा ने बताया कि ये एप्लिकेशन कमाल की है। इसके जरिए हम आधुनिक  टेक्नोलॉजी और ग्रह नक्षत्रों दोनों को करीब से जान सकते हैं।

गुगल मैप, गेम, थीम भी कमाल की

क्रोम पर उपलब्ध कराई जारी रही अन्य एप्लिकेशन भी लोगों का काफी पसंद आर रही हैं। एंटेलग्मेंट के रूप में पजल गेम तो गुगल मेप्स सरीखी कई एप्स टेक्नोलॉजी और इंटरनेट का बेजोड़ अनुभव कराने वाली हैं। कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहे स्टूडेंट मोहित सारस्वत बताते हैं कि यूं तो वेब बेस्ड एप्लिकेशन्स हमेशा से टेक्नोसेवर्स के बीच लोकप्रिय रही हैं, लेकिन गुगल की ओर से फ्री में उपलब्ध कराई जा रही इन एप्स सच में कमाल की हैं। लोगों की बीच ये तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।

क्रोम वेब स्टोर पर ये भी

क्रोम की ओर से एप्स स्टोर के जरिए एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, फैमिली, गेम्स, लाइफ स्टाइल, न्यूज एंड वेदर, प्रोडेक्टिविटी, शॉपिंग, सोशल, कनेक्टिविटी और यूजिलिटीज एप्स फ्री उपलब्ध कराई जा रही हैं।न्यूज, नेटवर्थी एप्लिकेशन्स में न्यू के साथ इंटरटेनमेंट के लिए शफलर एफएम एप्स में अललिमिटे वल्र्ड म्यूजिक को लेकर यूथ काफी क्रेजी है। फीचर्ड एप्स में म्यूजिक एडिटर, रीड लेटर फास्ट जैसी  एप्स के साथ अमेजोन विंडो शॉपिंग जैसी फ्री एप्स भी मौजूद हैं। क्रोम पर इन एप्स में न्यूज रीडर, स्क्रीन कैप्चर और ढेरों स्पेशल क्रोम थीम भी उपलब्ध हैं। 

Anand Singhal - New Chief of CII Rajasthan Suresh Kumar Poddar takes over as Vice Chairman

*Suresh Kumar Poddar takes over as Vice Chairman*

*Mr Anand Singhal and Mr Suresh Kumar Poddar *have been elected as Chairman
and Vice Chairman respectively of the Confederation of Indian Industry
Rajasthan for the year 2014 -15. The newly elected Council of CII Rajasthan
met at the close of the Annual Session in Jaipur today.

*Mr Anand Singhal *belongs to a prominent and reputed Business House of
Jaipur. He is Masters in Business Administration and known for his vision,
responsiveness, transparency, dynamism and decision-making.

Mr Singhal has extensive administrative experience of 39 years in Jaipur
Rajasthan - as Founder Chairman of the 'Kandoi Group' and established
manufacturing units, diversified in Tourism, Real Estate and Education
field. *Mr Anand Singhal is also the Chairman of the Desert Inn Limited and
Global Group of Engineering and Management colleges.*

Mr Singhal has widely travelled to U.S.A., U.K., Australia, Europe,
Switzerland, Singapore, China, Brazil, Thailand, etc.

*Mr Suresh Kumar Poddar is the Chairman & Managing Director of Mayur
Uniquoters Limited,* a company listed in Bombay Stock Exchange and National
Stock Exchange. The company is engaged in the manufacture of Artificial
Leather, providing employment to 650 people and is the market leader in
this field. The company has received the following Awards:

 *"Inc India 500" in the year 2011*

   - *"Forbes Asia Top 200 Best under a Billion Company Award" in the year
   2012-13*

Mr Poddar is an active social worker. He is associated with various Social
Organizations working for the benefit of human being. He was two times
Secretary of Rambagh Golf Club and actively participated in the betterment
of Rambagh Golf Club since last 15 years. Mr Poddar is a very keen Golfer.

Mr Poddar is very much involved in spirituality and started "*Gaurange
Institute for Vedic Education*" at Jaipur. This Institute is working since
last 4 years and successfully transformed the life of many people.

Garnier Men continues to groom Rajasthan Royals in IPL 2014

Jaipur. Rajasthan Royals today announced Garnier Men as their Official Grooming Partner for the third consecutive IPL season. Garnier Men, a leading brand in the skin-care and grooming space for men will also find a presence on the striking uniforms, match-day caps and helmets of the Rajasthan Royals team.

This is the first time the brand will be seen on the Rajasthan Royals uniforms after having been an on-ground partner for the last two seasons. This represents a progression in the association between the two brands and comes on the back of a wonderful 2013 for the team in Royal Blue as they reached the semi-finals of the IPL and the finals of the Champions League T20. 

Garnier Men pays attention to every detail in understanding the grooming needs of the players who play in extremely hot and humid conditions during the IPL. The brand offers a wide range of skincare products that are extremely relevant to the players with effective solutions and high quality standards. As part of its promotions strategy, Garnier Men along with Rajasthan Royals will initiate a slew of online and on-ground activities. These will involve giving a chance to fans to meet their favourite Rajasthan Royals team members and also get some helpful grooming tips from Garnier Men.

Rupika Raman, General Manager at Garnier India, spoke about this partnership and said, “Garnier Men is proud to associate with the Rajasthan Royals as the uniform and grooming sponsors for the new exciting season of IPL 2014. Our association with the team has successfully grown over the years. We’re happy to announce that this year through a strong digital and marketing outreach with the Rajasthan Royals, we aim to reach out to the cricket loving Garnier Men who believe in the power of grooming. We would like to offer them our range of products that will suit their skin in all weather conditions and leave them feeling fresh all day.”

Commenting on the association, Raghu Iyer, CEO, Rajasthan Royals, said, “We are delighted to have Garnier Men, a leading and popular brand in the skin care segment, continue their association with us for another exciting season of the IPL. For IPL 2014, Garnier Men has elevated themselves to the position of a uniform sponsor from an on-ground partner. This lays testament to Garnier Men’s belief in our brand values and organization ethos. We also take this opportunity to express our gratitude for their constant support rendered over the years."

Garnier Men offers an extensive product range of face washes, moisturizers and deodorants that offer immediate solutions to issues like skin tanning, oily skin, dark spots, body sweat and odour. The tournament will see players travelling to different cities as a result of which their skin would be exposed to heat, dust and harmful weather conditions. Garnier Men will cater to each of their needs and help them stay fresh throughout the tournament. 

 

 

 

 

About Rajasthan Royals

 

Epitomising the elegance, style, valour and royalty of the states of Rajasthan and Gujarat, Rajasthan Royals is a Jaipur based Indian Premier League team loved by fans across the world. A winner of the inaugural IPL in 2008, the team is governed by indomitable qualities of strength, fighting prowess and courage in the face of tough opposition. 

 

The Royals have been consistent on the field with honours in 2008 and 2013 led by legends of cricket and great captains, Shane Warne and Rahul Dravid, respectively. 2013 was a remarkable year for Rajasthan Royals as the team played outstandingly well to reach the IPL playoffs. Earning a chance to play in the prestigious Champions League T20, Royals went on to reach the finals of the world famous tournament.

 

The royal blue and gold emblem of Rajasthan Royals reflects the rich history of the region and their promising future. The team's anthem ‘Halla Bol’ and mascot ‘Moochu Singh’ capture the energy, enthusiasm and never-say-die attitude of the team. 

 

Ever since its inception, the Royals brand has been at the forefront in terms of nurturing and promoting new talent in India. With a major presence on social media platforms, Royals offer fans a unique digital experience taking them to the heart of all the action. While the team’s YouTube channel happens to be the most watched amongst all IPL teams, the Facebook page and Twitter handle enjoy a growing number of supporters and followers. The official website based fan zone gives fans the freedom to express themselves through content, videos, images, forums or polls, all driven by the fans themselves. These aspects have made Rajasthan Royals the most loved team and enabled to it emerge as the first global sporting brand from India.

स्टोन पार्क ऑन प्रोग्रेस...पत्थर भी बोलेंगे

कहते है कि पत्थर कभी बोलते नहीं लेकिन नगर निगम अब इन पत्थरों में भी जान फूंकने जा रहा है। एसएफएस मानसरोवर में बनाए जा रहे 'स्टोन पार्क' में स्टोन क्लप्चर्स और पार्क में कई तरह की स्टोन वेराईटी के इस्तेमाल से निगम ऐसा ही प्रयास कर रहा है। आज 'कलेक्ट रॉक डे' के मौके पर 'स्टोन पार्क' से मुखातिब कराती रिपोर्ट-

जयपुर। हरियाली और सुकून देने वाली शांति हर किसी को पार्र्कों में खींच लाती है लेकिन स्टोन पार्क में इनके साथ विभिन्न स्टोन्स की जानकारी और अद्ïभूत शिल्पकला भी आकर्षण का केन्द्र रहेगी। करीब 48 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इस पार्क के निर्माण के पहले फेज का एक-तिहाई काम पूरा हो चुका है। 19 हजार वर्गफीट में विकसित होने वाले इस थीम पार्क के पत्थर मूंह बोलते नजर आएंगे।

बच्चों के लिए स्केटिंग रिंग
स्केटिंग के लिए बच्चों का क्रेज देखते ही बनता है। इसी के मद्देनजर स्टोन पार्क में स्केटिंग रिंग बनाया जा रहा है जिसका कार्य लगभग पूरा हो चूका है। यहां बच्चों अपने परेंट्ïस के साथ स्केटिंग का लुत्फ उठा सकेंगे।

खास पत्थरों का इस्तेमाल
पार्क में राजस्थान में पाई जाने वाली सभी किस्मों का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें सेण्ड स्टोन, मार्बल, ग्रेनाइट, स्टेट एंड कॉटराइज तथा लाइम स्टोन की दर्जनों किस्मे शामिल हैं। पत्थरों के बारे में जानकारी हासिल करने वालों के लिए यह थीम पार्क जानकारी का भंडार साबित होगा। एक्सईन हेमंत शर्मा के अनुसार पार्क में इन पत्थरों के प्रयोग ने इसे महत्वपूर्ण बना दिया है। यह देशी और विदेशी पर्यटन में भी अहम भूमिका अदा करेगा।

राजस्थानी स्टोन खास
पार्क में राजस्थानी स्टोन की सभी किस्मों का उपयोग लोगों को इनसे रू-ब-रू कराएगा। स्टोन पार्क की डिजायनर कविता जैन बताती हैं कि पार्क में उपयोग लाए जा रहे स्टोन खास हैं। इनसे बनी कलाकृतियां पार्क को खास बना देती हैं। यहां प्रदर्शित स्टोन राजस्थान में स्टोन बिजनस के लिए भी फायदे का सौदा साबित होगा।

स्टडी के साथ सैर-सपाटा

- पिकनिक और एजुकेशनल टूर का लुत्फ उठा रहे हैं स्टूडेंट्ïस-
- इंडियन डेस्टिेनशन के विदेश की भी सैर

जयपुर. घूमना-फिरना किसे अच्छा नहीं लगता, लेकिन यदि स्कूल या कॉलेज की तरफ से कहीं आउटिंग पर जाने का मौका मिले तो क्या कहने। इन दिनों जयपुर के कई स्कूल व कॉलेजों में भी इसी आउटिंग के चलते स्टूडेंट्ïस काफी रोमांचित हैं। कोई घूमकर लौट आया है तो कोई इसके लिए प्लानिंग कर रहा है। स्टूडेंट्ïस में पिकनिक या सैर-सपाटे के बीच भी कुछ न कुछ नया सीखने की ललक साफ दिखाई देती है।

सब को रहता है इंतजार
कानोडिया व महारानी ही नहीं लगभग सभी कॉलेजों में एजुकेशनल टूर का स्टूडेंट्ïस बेसब्री से इंतजार करते हैं। कानोडिया कॉलेज की स्टूडेंट सविता का कहना है कॉलेज टूर में जहां अच्छी-अच्छी जगहों को देखने जाते हैं, वहीं मूड भी फ्रेश हो जाता है। यही कारण है कि हमारे फ्रेंड सर्किल में सभी को कॉलेज टूर का इंतजार रहता है। हाल ही में हम कुल्लू मनाली, गोवा, ऊटी व मसूरी के टूर पर जाकर आए हैं। 

हिन्दी के लिए बनी निष्ठा
रविवार को जापान घूमकर लौटी विद्याधर नगर स्थित बियानी गल्र्स कॉलेज की छात्राएं काफी खुश नजर आर्ईं। आठ दिवसीय अपने शैक्षणिक भ्रमण के बाद लौटी गल्र्स ने वहां के रहन-सहन व कल्चर के साथ कई एजुकेशनल इंस्टीट्ïयूट्ïस की सैर की। रितु बताती हैं कि जापान घूमना हम सभी फे्रंड्स के लिए फायदेमंद रहा है। वहां के लोगों से मिलकर कई बातें सीखने का मौका भी मिला। उनके अपनी मातृभाषा जेपनीज के प्रति गहरी निष्ठा हमारे लिए प्रेरणादायक साबित हुई है। हमारी भी अब हिन्दी के प्रति निष्ठा बढ़ी है। जया बताती हैं कि टोक्यो भ्रमण के साथ विभिन्न पर्यटन स्थलों पर हमने आपस में मौज-मस्ती व हंसी ठिठोली के साथ भ्रमण का खूब लुत्फ उठाया। 

दोस्ती हुई पक्की
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान शिमला की माल रोड, चंडीगढ़ में रॉक गार्डन व सुखना झील के मनोरम दृश्य का लुत्फ उठाने हाल ही में एमजेआरपी कॉलेज की छात्राओं को मौका मिला। इनके साथ गल्र्स ने कुफरी व कई निकटवर्ती इलाकों का भ्रमण किया। टूर पर जाने वाली ज्योती बताती हैं कि इस टूर पर घूमने के साथ हम सब में दोस्ती और गहरी हो गई। एक  टूर के दौरान ट्रेन का सफर हमारे लिए यादगार रहा है।

पिकनिक से प्रकृति के करीब
हाल ही में सेंट विल्फे्रड कॉलेज के बीसीए के स्टूडेंट्स अपने एजुकेशनल टूर पर हिमाचल प्रदेश स्थित जिम कारबेट नेशनल पार्क की सैर पर गए। टूर पर जाने वाले करण सिंह, गौरव, संदीप मित्रा और पीयुष शर्मा बताते हैं कि पिकनिक का खास अट्रेक्शन वहां का नैसर्गिक सौन्दर्य था। हमने वन्य जीवों को इतने करीब से देखा और प्रकृति को करीब से महसूस किया। रानीखेत, मनाली, माउण्ट आबू व उदयपुर भी शैक्षणिक भ्रमण पर जाकर आए हैं।

अब शिमला की बर्फबारी
विंटर वैकेशन्स में कई एजुकेशनल इंस्टीट्ïयूट्ïस की ओर भ्रमण की तैयारिया की जा रही हैं। अधिकतर की च्वॉइस लिस्ट में शिमला व कश्मीर की बर्फबारी का लुत्फ उठाने को लेकर प्लान बनाया गया है। महेश नगर स्थित डॉ. बीआर अम्बेडकर कॉलेज की प्रीति शर्मा का कहना है कि दिसम्बर की 6 तारीख को हम सभी गल्र्स शिमला टूर पर जा रही हैं।

इनका कहना है... 
कॉलेज की ओर से हर वर्ष एजुकेशनल टूर आयोजित होते हैं। इनमें अधिक से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हों इसलिए डेस्टिनेशन्स भी बजट के हिसाब से अलग-अलग रखते हैं। इसबार भी करीब 200 गल्र्स टूर में शामिल हुई हैं। - रश्मि चतुर्वेदी, प्रिंसिपल, कानोडिया कॉलेज

चक्कर डोमेन नेम का

जयपुर. इनटनेट के जरिए किसी क6पनी, ऑर्गेनाइजेशन या पर्सनेलिटी के बारे मेï जानना जितना आसान है समय के साथ उतना ही मुश्किल होता जा रहा है। सर्च इंजन पर एक ही स4जे1ट पर एक से अधिक ऑप्शन सर्च करने वाले को भटका रहे हैं। पिंकसिटी व इससे स6बद्ध ढेरो वेबसाइटे इंटरनेट सर्च इंजन पर ए1िटव हैं। जयपुर, राजस्थान यूनिवर्सिटी, राजस्थान एजुकेशन, राजस्थानपत्रिका, जयपुरएयरपोर्ट, जयपुर ट्ïयूरिज्म, पिंकसिटी आदि नामों से सर्च करने पर एक से अधिक ऑप्शन सामने आते हैं। इनमेï से ऑर्गेनाइजेशन का ऑथोराइज्ड डोमेन नेम कौन सा है और किस पर सही जानकारी मिल सकती है नेटयूजर्स को जल्द पता नहीï चलता। जिसका फायदा उठाकर क6पनियां विज्ञापन के जरिए मोटी कमाई करने मेï लगी हैं।

प्रतिष्ठित नाम के पीछे
कई क6पनियां विभिन्न क्षेत्रों मेï प्रचलित व प्रतिष्ठित नामों की लोकप्रियता को भूनाने मेï लगी हुई है। जयपुर व पिंकसिटी के नाम के नाम के डोमेन सबसे ज्यादा है। सर्च इंजन पर डॉट ओआरजी, डॉट को डॉक यूके, डॉट एनआईसी के साथ जयपुर जयपुर डॉट कॉम जैसी कई वेबसाइट्ïस एक साथ दिखने से लोगों का कन्3यूज होना स्वाभाविक है। 

स्पेलिंग मिस्टेक हुई तो...
यदि आपकों डिजायरेबल वेब पोर्टल की स्पेलिंग को टाइप करने मेï थोड़ी से चूक हो गई तो हो सकता है आपका सर्च किसी दूसरे लिंक हो जाए। जयपुर की स्पेलिंग मेï यदि आई छुट गया तो सीधा लिंग जर्मनी की वेबसाइट japur.com or japur.net or japur.org से संभव है। इसी तरह japur.com or japur.net or japur.org से दूसरे न6बर का ए मिस होन पर पत्रिका की अधिकारिक वेबसाइट के स्थान पर rajsthanpatrika.com  ऑपन होती है।

जयपुर से परदेशियों का कारोबार
जिला प्रशासन की वेबसाइट जयपुर डॉट एनआईसी डॉट इन के अलावा भी जयपुर के नाम पर कई वेबसाइट्ïस अपना कारोबार कर रही है। इनमें न्यूयार्क की jaipur.com कनाडा से संचालित jaipur.org या यूके की साइट jaipur.co.uk सबसे अधिक हिट की जाने वाली साइट्ïस हैं। जयपुर आने वाले ट्ïयूरिस्ट व पिंकसिटी के बारे मेï जानने वालों की बड़ी सं2या इनकी लोकप्रियता बढ़ाने मेï अहम भूमिका निभा रही है। इसके चलते इन पर विज्ञापनों की भी भरमार रहती है। विज्ञापन के रूप मेï दूर देश की इन साइट ऑनर्स कचे भी अ'छा खासा मुनाफा हो रहा है।

३00-४00 में उपलब्‍ध डोमेन
आईटी ए1सपर्ट सतीश जैन के अनुसार एक ही नाम का इस्तेमाल लोकप्रियता हासिल करने के साथ विज्ञापन के जरिए पैसे कमाना भी है। महज ३00-४00 रुपए मेï डोमेन उपल4ध होने से हर कोई इस क्षेत्र मेï आगे आ रहा है। जयपुर से भी ऐसी ही कई वेबसाइट्ïस जुड़ी हैं जो एक-दूसरे के समान दिखती हैं। सर्च इंजन के जरिए जयपुर को तलाशने वाले नेट यूजर्स के सामने ये काफी कन्3यूज क्रिएट करती हैं।

नेट यूजर्स नहीं बच पाते
क6प्यूटर ए1सपर्ट अशोक कुमार व्यास बताते हैं कि  न्यू नेट यूजर्स किसी भी डोमेन अथवा वेबसाइट के लिए सर्च इंजन पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे मेï सर्च इंजन पर मिलते-जुलते नाम वाली कई वेबसाइट्ïस से वे बच नहीï पाते। इनसे समय के साथ नेटयूजेज के रूप मेï पैसा भी खर्च होता है। इन सबसे बचने च्े लिए वां'िछत वेबसाइट का आईपी एड्रेस ध्यान मेï रखना जरूरी है। 

Farewell party of Hostel girls

जोन आयुक्त पर 25 हजार रूपये का जुर्माना

जयपुर. नगर निगम हवामहल जोन आयुक्त पर सूचना आयोग ने 25 हजार रूपये का जुर्माना किया।

जयपुर-समय पर सही सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर राजस्थान सूचना आयोग ने लोकसूचना अधिकारी एवं आयुक्त, हवामहल जोन पूर्व, जयपुर नगर निगम पर 25 हजार रूपये का जुर्माना कर जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देशित किया है कि उक्त राशि वे प्रत्यर्थी के वेतन से काट कर राजस्थान सूचना आयोग में जरिये डिमांड ड्राफ्ट जमा करवायें।

ज्ञातव्य रहे कि परिवादी जयन्त कुमार जैन ने एक आवेदन प्रस्तुत कर लोकसूचना अधिकारी एवं आयुक्त, हवामहल जोन पूर्व, जयपुर नगर निगम से सूचनाऐं चाही थी। सूचनाऐं उपलब्ध नहीं करवाने पर प्रथम अपील दायर की गई। प्रथम अपील अधिकारी ने अपने आदेश में यह विनिश्चय किया कि सूचना नि:शुल्क प्रदान की जाये। संस्थित परिवाद में प्रत्यर्थी आयुक्त, हवामहल जोन पूर्व, जयपुर नगर निगम, जयपुर ने सही सूचनाऐं उपलब्ध नहीं करवाई जिस पर आयोग ने धारा 20 (1) का नोटिस जारी किया। प्रत्यर्थी आयुक्त, हवामहल जोन पूर्व, जयपुर नगर निगम, जयपुर स्वंय उपस्थित नहीं हुए और न ही उनका लिखित में कोई प्रत्युत्तर ही प्रस्तुत किया गया। प्रकरण पर विवेचना के बाद आयोग ने लोकसूचना अधिकारी एवं आयुक्त, हवामहल जोन पूर्व, जयपुर नगर निगम, जयपुर पर 25 हजार रूपये की शास्ति अधिरोपित करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जयपुर नगर निगम, जयपुर को निर्देशित किया कि शास्ति राशि प्रत्यर्थी, लोकसूचना अधिकारी एवं आयुक्त, हवामहल जोन पूर्व, जयपुर नगर निगम के वेतन से कटौती कर आयोग में जमा करवायें।

RAJASTHAN'S APURVI CHANDELA BAGS FOUR MEDALS AT 37TH INTERSHOOT CaHAMPIONSHIP IN THE HAGUE

Jaipur.  Yet another shooter, Apurvi Chandela from Rajasthan, has done the country proud by bagging four medals in the recently held 37th edition of the 3-day (6 February to 8 February) Intershoot Championship at the Hague, Netherland. She was participating in the Air Rifle Women’s Category. As many as 28 countries had participated in this prestigious shooting event.

One day (6 February) one, she bagged individual Gold in the first match (414.6+208.9),  while in the second she won individual bronze (414.2+185.4) and a Team Gold medal (1232.5) along with Suma Shirur (ex-Olympian from India) and Neha Chaphekar. On the third day (8 February), Apurvi won a Silver medal(414.3+204.2).

 

Apurvi, who was the National Champion in 2012, said that it was a tough competition as many Olympians had participated as a preparation for Olympics in 2016. However, she is satisfied with her performance and is now preparing for the next Asian Championship and the World Cup.

जॉब जेनेरेटिंग टॉप-10 सिटीज में जयपुर सातवें स्थान पर


जयपुर. रंग-बिरंगी संस्कृति, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, हैरिटेज के लिए पहचाने जानी वाली पिंकसिटी अब जॉब उपलब्ध कराने के मामले में भी पीछे नहीं है। एसोचेम प्लेसमेंट पैटर्न (एपीपी) की ओर से हाल ही में हुई एक स्टडी 'ट्रेंड ऑफ जॉब ओपनिंग्स' के अनुसार मेट्रोपॉलिटन सिटीज के बाद अब जॉब की संभावनाएं टायर-2 और टायर-3 शहरों में तेजी से बढ़ रही हैं। इस वर्ष की शुरुआत में जहां टायर-2 शहरों में जॉब की संभावनाओं में 28 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, वहीं टायर-3 शहरों में यह बढ़ोतरी 38 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।  'जॉब जेनेरेटिंग सिटीजÓ के तौर पर उभर रहे टायर-2 सिटीज में जयपुर भी टॉप-10 शहरों में शामिल है। पुणे, लखनऊ, पांडिचेरी, सूरत, चंडीगढ़ और अहमदाबाद के बाद नौकरी के बढ़ते अवसर के मामले में जयपुर सातवें स्थान पर है। टायर-2 शहरों में उपलब्ध कुल नौकरियों में जयपुर का शेयर 9.3 प्रतिशत है।

स्किल्ड मैनपॉवर और गुड इंफ्रास्ट्रक्चर
स्टडी के अनुसार छोटे शहरों में जॉब के बढ़ते अवसरों का मुख्य कारण यहां उपलब्ध सस्ता व स्किल्ड मैनपॉवर और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर है। यही वजह है कि मैनपॉवर व इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियां अब मेट्रो सिटीज से छोटे शहरों की ओर रुख कर रही हैं। पिछले एक-दो वर्षों में कई बड़े ग्रुप्स ने शहर की ओर रुख भी किया है। इसमें रिटेल सेक्टर्स से लेकर इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, बीपीओ, इंश्योरेंस, बैंकिंग, रियल एस्टेट आदि कई क्षेत्रों में देश की जानी-मानी कंपनियों ने इस ओर रुख किया है या अपना विस्तार किया है।

स्टडी जो है
यह स्टडी इस वर्ष जनवरी से मार्च तक विभिन्न जॉब पोर्टल्स और राष्टï्रीय व क्षेत्रीय दैनिक अखबारों और जर्नल्स में प्रकाशित विज्ञापनों के आधार पर की गई है। इसमें 3500 कंपनियों की ओर से निकाली गईं 32 हजार वैकेंसीज पर स्टडी की गई है। टॉप-10 टायर-2 सिटीज में पुणे, लखनऊ, पांडिचेरी, सूरत, चंडीगढ़, अहमदाबाद, जयपुर, लुधियाना, पटना और गोवा शामिल हैं। जबकि टॉप-10 टायर-3 शहरों में रांची, मैंगलोर, मैसोर, रायपुर, उदयपुर, औरंगाबाद, पटियाला, जालंधर, मेरठ और विशाखापट्टïनम शामिल है।


बढ़ रही हैं संभावनाएं

जिस तरह छोटे शहरों का विकास हो रहा है उसे देखते हुए जॉब की संभावनाएं बढऩा स्वभाविक है। इसके अलावा भविष्य में आने वाले कई प्रोजेक्ट्स को देखते हुए भी कई कंपनियां इन शहरों की ओर रुख कर रही हैं। जयपुर में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट, स्पेशल इकोनॉमी जोन, रिटेल सेक्टर के बढ़ते दखल आदि से ये संभावनाएं और बढ़ रही हैं। - बी.के तिवारी, डायरेक्टर, एयरकॉन एयरवेज


मेट्रो सिटीज से बेहतर
मेट्रोपॉलिटन सिटीज की तुलना में छोटे शहरों में अभी भी काफी अच्छी स्थिति है। मेट्रोसिटी में अब सेचुरेशन प्वॉइंट आ चुका है। रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतें, बढ़ता ट्रेफिक, बिगड़ती कानून व्यवस्था और महंगे होते मैनपॉवर से आज कई बड़ी कंपनियां छोटे शहरों में अपना विस्तार कर रही हैं। ऐसे में इन शहरों में जॉब की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
- डॉ. अजय डाटा, सीईओ, डाटा इंफोसिस


मैनपॉवर है  सस्ता
जिस तरह से यहां देश भर के प्रमुख स्कूलों की शाखाएं खुल रही हैं, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज और टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स खुल रहे हैं, उन्हें देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यह शहर एजुकेशन हब की तरह भी उभर रहा है। यही वजह है यहां एकेडमिक्स फील्ड में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसके अलावा हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में भी यहां नौकरी के पूरे अवसर हैं।
- डॉ. सुधांशु, डायरेक्टर, ज्ञान विहार

टायर टु सिटीज में जॉब शेयर
शहर शेयर ऑफ जॉब (% में) टॉप-5 एम्प्लॉयमेंट के क्षेत्र
पुणे 16.5 आईटी, आईटीईएस, बैंकिंग, एजुकेशन, ऑटोमोबाइल
लखनऊ 12.3 एजुकेशन, बैंकिंग, एफएमसीजी, इंश्योरेंस, आईटीईएस
पांडिचेरी 10.5 एविएशन, बैंकिंग, एनर्जी, एफएमसीजी, हॉस्पिटेलिटी
सूरत 10 आर्किटेक्चर, बैंकिंग, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम, टेक्सटाइल
चंडीगढ़ 9.8 एविएशन, ऑटोमोबाइल्स, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल
अहमदाबाद 9.5 इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक, कैमिकल्स, रिटेल
जयपुर 9.3 एकेडमिक्स, एविएशन, एनर्जी, हॉस्पिटेलिटी, इंश्योरेंस 
लुधियाना 8 इंश्योरेंस, मैन्यूफेक्चरिंग, रिटेल, टेक्सटाइल्स, मेटल्स
पटना 7.3 टेलीकॉम, आईटीईएस, मैनेजमेंट, मेडिकल, इंश्यारेंस
गोवा 6.8 इंश्योरेंस, एजुकेशन, हॉस्पिटेलिटी, बैंकिंग, एफएमसीजी

maharaja sawai mansingh vidyalya sport day

maharaja sawai mansingh vidyalya sport day

the Standard Chartered Open

Colombo. Mithun Perera of Sri Lanka fired a six-under-65 in round three to take a two-stroke lead at the Standard Chartered Open, a PGTI event, being played at the Royal Colombo Golf Club in Colombo. Perera's total score reads 17-under-196 after the penultimate round. India's Rashid Khan carded a scintillating nine-under-62 to end the day in second position at 15-under-198.

 

Defending champion Mithun Perera (63-68-65), the overnight joint leader, emerged the top contender for the title on day three after he established a two-shot lead. Perera’s third round of 65 featured eight birdies and two bogeys.

 

Mithun said, “I was very pleased with the way I played today. I’ll look to capitalize on my lead in the final round. I didn’t have a great front-nine but the back-nine was terrific and helped me grow in confidence.”

 

Rashid Khan (71-65-62), who was tied sixth after round two, came up with a sublime bogey-free 62, the day’s best score, to end the day in second position. Rashid’s round saw him make two eagles and five birdies.

 

Rashid said, “I was delighted to record my personal best today. The fact that I went bogey-free made the round even more special. I know I’ll have to putt really well to have a chance in the final round. I’ve enjoyed playing here and am looking forward to giving it my best in the final round.”

 

Third position is occupied by Sri Lankan N Thangaraja at 13-under-200. Thangaraja returned a 68 in round three.

 

Shivaram Shrestha of Nepal and India’s Chiragh Kumar are in fourth and fifth place with scores of 12-under-201 and nine-under-204 respectively.

   

BANESHWAR FAIR BEGINS FROM 10 FEBRUARY

Jaipur. The 5-day Baneshwar Fair, which is Rajasthan’s biggest tribal fair will begin from 10 February to 14 February. This is predominantly a tribal fair. The majority of the gathering is from the districts of Dungarpur, Udaipur and Banswara.

 

The Department of Tourism has organized three-days (12 February to 14 February) of fun and festivities for the domestic and the foreign tourists. On Wednesday, 12 February, the celebrations will begin with folk and tribal performances from 7 pm to 10 pm at the Baneshwar (53 kms from Banswara, 45 kms from Dungarpur) by the West Zone Cultural Centre (WZCC) of Udaipur. Renowned folk artistes will performed in the event.

 

On 13 February, the classical religious performances will be the special feature of the event. The event will be organized from 7 pm to 10 pm by the WZCC.

 

On 14 February there will be Bhajan performances by the renowned Sharma Bandhu. Folk artistes of Rajasthan will also give performances.

 

Some major attraction of the fair are tribal sports, religious procession, tribal bazaar, acrobatics, among others.t

 

know about BANESHWAR FAIR

 

The name Baneshwar is derived from the revered Shiva Linga which is kept in the Mahadev temple in Dungarpur. "Baneshwar" means the 'master of the delta' in the local Vagdi language and this name was given to Shiva Linga. The Baneshwar fair is held at a small delta formed by the river Som and Mahi, from Magh Shukla Ekadashi to Magh Shukla Poornima during Shivratri. (January-February).

 

 The Baneshwar fair, in its present form is actually a merger of two fairs: one which used to be held in honour of Baneshwar Mahadev (Lord Shiva) and another fair which started after the construction of the  Vishnu  temple  by  Jankunwari, daughter-in-law of Mavji, a highly revered saint considered to be an incarnation of Lord Vishnu.

 

The Baneshwar  fair  is  predominantly a tribal fair with more than half of the congregation consisting of Bhils.  They revere Baneshwar Mahadev as well as Mavji. The majority of the gathering is from the districts of Dungarpur, Udaipur and Banswara.

 

The temple of Baneshwar

Mahadev remains open from 5.00 am to 11.00 pm during the fair. In the morning, saffron is applied to the Shiva Linga after it is bathed and an ‘aarti’ of burning incense is waved before it. In the evening, bhabhut (ash) is applied to the Linga and an ‘aarti’ with a fine-wick lamp is performed. Devotees offer wheat flour, pulses, rice, jaggery, ghee, salt, chillies, coconut and cash.

 The Bhils attending Baneshwar Fair sing traditional folk songs in high-pitched voices sitting around a bonfire every night. Groups of villagers are also invited to participate in the programme. The fair resounds with the gaiety of songs, folk dances, magic shows, animal shows and acrobatic feats. Adding to the excitement are the joy rides on merry-go-rounds and swings.

 

The fair site is at a distance of 6.5 kms from Sabla, a village on the Udaipur-Banswar-Dungarpur bus route which is at a distance of 123 kms from Udaipur, 53 kms from Banswara, 45 kms from Dungarpur and 22 kms from Aspur, the Tehsil headquarters. On normal days, one has to reach Sabla from Baneshwar on foot or on private carts. However, buses go right up to the bank of the river Som during the fair.

Standard Chartered open

Colombo, Sri Lanka. Chiragh Kumar of India shot the day’s joint best score of seven-under-64 to share the three-way lead along with Mithun Perera of Sri Lanka and Nepal’s Shivaram Shrestha at the end of round two of the Standard Chartered Open, a PGTI event, being played at the Royal Colombo Golf  Club in Colombo. The three golfers have matching total scores of 11-under-131.

 

The cut was declared at five-over-147. Fifty professionals and one amateur made the cut.

 

Chiragh Kumar (67-64), who was overnight tied seventh, climbed to the top of the leaderboard after shooting the day’s joint best score of 64. Playing in the same three-ball as defending champion Mithun Perera, Chiragh picked up the pace with four straight birdies from the fifth through the eighth. He kept up the intensity on the back-nine with three more birdies. The Delhi-based professional is one of the tournament favourites as he returns to his happy hunting ground, the Royal Colombo Golf Club, where he won a title last year.

 

Chiragh said, “The plan was to restrict the errors today. The conditions were tough as the wind was blowing in the opposite direction. I really enjoyed playing on the new greens. I’ll try to repeat this effort in the coming rounds.”

 

Mithun Perera (63-68), the overnight leader, continued to enjoy his home conditions with a three-under-68 on day two that kept him in the joint lead. Perera followed up his birdie on the seventh with an eagle on the 14th.

 

Perera said, “Even though it was a bogey-free round, I’m not very satisfied with my effort as I missed a lot of putts. I didn’t pick up enough birdies today. I’m confident of playing better in the next two rounds as this is my home course and I have the advantage of local knowledge.”

 

Shivaram Shrestha (65-66), a winner on the PGTI last year, posted a five-under-66 in round two that pushed him up from overnight tied second to joint first. Shivaram made a terrific start with four birdies on the back-nine but then had a quieter front-nine as he made two birdies and a bogey.

 

“It’s been a good start to the tournament for me. The win on the PGTI last year has done wonders to my confidence. I’m playing well at the moment and will look to seize my opportunities over the next two days,” said Shrestha.  

 

The fourth and fifth place is currently occupied by Sri Lankans N Thangaraja and K Prabagaran with total scores of 10-under-132 and nine-under-133 respectively.

 

India’s Gaurav Pratap Singh also returned the day’s joint best score of 64 to lie tied eighth at five-under-137.

Ms. PADMINI DEVI INAUGURATES AN APPAREL STORE IN JAIPUR

जयपुर. आज राजमाता पद्मिनी देवी ने जयपुर में क्वींस रोड़ पर एक नए वस्त्र और परिधान स्टोर 'जयकीर्ति' का उद्घाटन किया। इस स्टोर की खासियत इसमें मिलने वाले वाइब्रेंट कलरर्स और वूड ब्लॉक डिजाइनस् के एम्ब्रोइडरी, शेडेड् शिफॉन, जरदोजी और टाई एण्ड डाई वाले वस्त्र हैं। अप्रैरल स्टोर में सजे विभिन्न वस्त्रों को देखने के बाद राजमाता पद्मिनी देवी ने कहा कि यहां काफी सोच समझ कर लगाये गये सभी वस्त्र लुभावने हैं। उन्होंने स्टोर आॅर्नर, जयकीर्ति सिंह को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह आउटलेट जयपुर में महसूस कि जा रही वस्त्रों की वैराइटीज् की कमी को पुरा करेगा।
इस अवसर पर जयकीर्ति सिंह ने कहा कि उन्होंने यहां नवीनतम् डिजाइनस् और उच्चतम गुणवत्ता वाले पारंपरिक शिल्प कौशल वाले वस्त्रों और फेब्रिक्स् का एक विशिष्ट संग्रह प्रदर्षित किया ह

SC orders implementation of Majithia Wage Board

The Supreme Court has ordered the implementation of recommendations of Majithia Wage Board for journalists and non—journalists in newspapers and news agencies.
Dismissing the petitions of various newspapers challenging the recommendations of the wage board, the apex court ordered that recommendations should be implemented from April 2014.
Revised wages will be payable from November 11, 2011, the day Centre notified the recommendations. All arrears has to be paid in four instalments within a year.

कंडोम फटा तो सनी लियाने पर केस!
10 सेक्स स्कैंडल जिन्होंने मचाया तहलका




A Bench of Chief Justice P. Sathasivam and Justices Ranjan Gogoi and Shivakirti Singh reserved orders on January 9 on the petitions filed by ABP Ltd., Bennett Coleman and Co. Ltd., publishers of "The Times of India", and other newspapers; and the Indian Newspaper Society after a marathon hearing over four months since September. They had challenged the Wage Board’s report submitted in December 2010, and the notification issued by the Centre in November 2011.
The Centre justified the report and the notification for its implementation and said the wage structure was based on the employer’s capacity to pay.

BRISK CATTLE TRADING IN NAGAUR CATTLE FAIR DOVETAILED WITH FOLK AND CULTURAL MUSIC

Jaipur, 5 February: The well known Annual Nagaur Cattle Fair has begun with a large number of cows, bullocks, oxen, horses and camels accompanied by turbaned sellers and eager buyers indulging in trading. The four-day fair which began from 4 February will be on till 7 February and has been organized by the Department of Tourism, Department of Animal Husbandry and the District Administration Nagaur. This fair attracts participants from Punjab, Gujarat and Uttar Pradesh.

 

Today the visitors and tourists had a whale of a time witnessing Moustache Competition, Turban Tying and Camel Decoration competitions at the Cattle Exhibition Ground. During the day there were also Best Breed Competition for Horses, Calves and Camels at Cattle Ground.

 

Tomorrow, the day will begin with Puppet Show from 9 am onwards (Rao Amar Singh Rathore Cenotaph). Meanwhile at the Cattle Ground the cattle will start disbursing. The Horse Dance and Camel Dance competitions (Cattle Ex. Ground) will be held at 10.30 am and 11.30 am, respectively. This will be followed by Prize Giving and Closing Ceremony (Cattle Ground).

 

On Friday, 7 February, there will be a puppet show from 9 am onwards (Rao Amar Singh Rathore Cenotaph).

 

 

खेलकुद से सुधरेगी ग्रेड मिलेगा अगली क्लास में प्रमोशन

-सीबीएसई ने जारी की 9वीं क्लास के लिए प्रमोटिंग स्कीम
जयपुर.
खेलकुद की वजह से एकेडमिक्स में कम माक्र्स से परेशान रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। अब दो मैंडेटरी सब्जेक्ट्स में फैल होने पर भी खेलकुद में अव्वल रहने वाले ऐसे स्टूडेंट्स को अगली क्लास के लिए प्रमोट कर दिया जाएगा। इसी सप्ताह सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन की ओर से जारी प्रमोटिंग स्कीम में स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटी के सहारे 9वीं के स्टूडेंट्स को 10वीं के लिए प्रमोट करने की बात कही गई है। इसके आधार पर अब पेपर खराब तो टेंशन नहींअब यदि किसी स्टूडेंट का कोई पेपर खराब हुआ या फिर वो उस पेपर में पास नहीं हो पाए तो भी आगे की क्लास में प्रमोट हो सकता है। 

सीबीएसई ने 9वीं के स्टूडेंट्स को फिलहाल यह मौका दिया है और 10वीं के स्टूडेंट्स को भी यह तोहफा मिल सकता है। सेकेंडरी क्लासेज के लिए लागू असेसमेंट स्कीम में स्टूडेंट्स को लैंग्वेज, गेम्स, क्विज, प्रोजेक्ट, नाटक, स्क्रिप्ट राइटिंग, रीडिंग प्रोजेक्ट, स्टोरी राइटिंग, डांस, योगा, बागवानी, स्काउटिंग एंड गाइडिंग, ड्रामा, क्राफ्ट, फोक आर्ट, डिबेट, ड्रॉइंग, पोस्टर मेकिंग, ऑन दि स्पॉट पेंटिंग, थियेटर, क्रिएटिव राइटिंग, स्लोगन राइटिंग, साइंस क्विज, साइंस एग्जिबिशन, साइंस क्लब, ओलंपियाड जैसी एक्टिविटी में भाग लेना होता है और इनके आधार पर ग्रेड मिलते हैं।

 इन एक्टिविटीज में बेहतर प्रदर्शन करने वाले इनके सहारे अपने रिजल्ट में सुधार कर सकते हैं। ई ग्रेड बदलेगी डी मेंसीसीई स्कीम के तहत 9वीं के स्टूडेंट्स को पास होने के लिए हर सब्जेक्ट में कम से कम डी ग्रेड लाना जरूरी है। इस नई प्रमोटिंग स्कीम में अब यदि कोई स्टूडेंट के पांच में से दो सब्जेक्ट में ई ग्रेड हैं लेकिन को-करिकुलर एक्टिविटी में उसने बेहतर ग्रेड पॉइंट लिए हैं तो वह इन दोनों सब्जेक्ट में ई ग्रेड को डी ग्रेड में बदल सकता है। बोर्ड ने ग्रेड पॉइंट का पूरा खाका तैयार किया है। 
स्टूडेंट्स की ग्रेड स्कलैस्टिक (टर्म एग्जाम) और को स्कलैस्टिक (दूसरी एक्टिविटी) के आधार पर तय होती है। को स्कलैस्टिक एक्टिवटी में लाइफ स्किल, एटिट्यूड एंड वैल्यू, को करिकुलर एक्टिवटी व हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन शामिल हैं। ऐसे होगा प्रमोटसीबीएसई की गवर्निंग बॉडी के मैम्बर डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया कि लाइफ स्किल के लिए 15 ग्रेड पॉइंट , एटिट्यूड एंड वैल्यू के लिए भी 15, को-करिकुलर एक्टिविटी के लिए 6 और हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन के लिए 6 पॉइंट तय किए गए हैं। अगरकोई स्टूडेंट इन सभी चारों कैटिगरी में ए + ग्रेड लाता है तो उसे कुल 42 ग्रेड पॉइंट मिल सकते हैं।

बोर्ड के मुताबिक जो स्टूडेंट इन चारों एक्टिवटी में 34-42 ग्रेड पॉइंट तक लाएगा , उसे दो सब्जेक्ट में हायर ग्रेड मिल सकता है। मसलन अगरकिसी स्टूडेंट का दो सब्जेक्ट में ई ग्रेड है तो उसे डी ग्रेड मिल जाएगा और वह प्रमोट हो जाएगा। 19 से कम ग्रेड पॉइंट बेकारको-करिकुलर एक्टिविटीज में बेहतरीन परफॉर्मेंस के आधार पर न सिर्फ प्रमोटिंग बल्कि स्टूडेंट डी-ग्रेड से सी-ग्रेड में अपग्रेडशन भी हासिल कर सकता है।

 इसी तरह से 19-33 तक ग्रेड पॉइंट लाने वाले को एक सब्जेक्ट में यह फायदामिलेगा। लेकिन 19 से कम ग्रेड पॉइंट लाने वाले को प्रमोशन में फायदा नहीं मिलेगा। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि दसवींके लिए भी प्रमोशन स्कीम जल्द घोषित की जाएगी और उसमें भी स्टूडेंट्स को इसी तरह का फायदा मिल सकता है।

7th Central Pay Commission's Chairman Ashok Kumar Mathur

Prime Minister Approves Composition of 7th Central Pay Commission Under the Chairmanship of Justice Ashok Kumar Mathur, Retired Judge of the Supreme Court and Retired Chairman, Armed Forces Tribunal

'शिमर एण्ड शाईन' में जगमगाए सितारे -थैंक्स पार्टी

जयपुर. मानसरोवर स्थित द आईआईएस युनिवर्सिटी में फ्रेशर्स की ओर से शनिवार को आयोजित थैंक्स पार्टी 'शिमर एण्ड शाईन 2010Ó में गल्र्स ने अपनी कल्चर परफॉर्मेंस ने सीनियर्स और फैकल्टी का मन मोह लिया। कल्चरल प्रोग्राम में फ्रेशर्स ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कॉलेज में देर शाम तक समां बांधे रखा। सीनियर स्टूडेंट्स की ओर से जूनियर्स के स्वागत में दी गई फ्रैशर्स पार्टी के लिए इस थैंक्स पार्टी में वेस्टर्न के साथ रंग-बिरंगे ट्रेडिशनल आउटफिट्स में गल्र्स ने दमदार प्रस्तुतियां दीं।
फ्रैंड्स ग्रुप द्वारा विभिन्न अंग्रेज़ी धुनों पर मेडले प्रस्तुत किया गया जबकि प्रतिभा राठौड़ ग्रुप की छात्राओं ने ओ हमदम सुनियो रे.., एवं बोलना हल्के हल्के रे.. गीत के यूज़न पर डांस कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। आज दिन चढिय़ा तेरे रंग वरगा, कहने को जश्न ए बहारा है, रूबरू, आशाएं जैसे खूबसूरत फिल्मी गीतों पर छात्राओं द्वारा दी गई नृत्य प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों को मस्ती से सराबोर कर दिया साथ ही छात्राओं ने पंजाबी धुनों पर भी मनमोहक प्रस्तुति दी। 

फ्रैशर्स ने दिया तहेदिल से धन्यवाद- सीनियर्स की दोस्ती, मार्गदर्शन और विश्वास के लिए फ्रैशर्स ने उन्हें दिल से धन्यवाद दिया और यह आशा व्यक्त की कि यह दोस्ती का रिश्ता आजीवन इसी तरह खूबसूरत बना रहे। कार्यक्रम के दौरान दी गई प्रत्येक प्रस्तुति के माध्यम से फ्रैशर्स ने सीनियर्स के प्रति अपने प्यार और फ्रैंडशिप को दर्शाया। 

अजनबी बनकर आए थे, अपना बना लिया- नवागंतुक छात्राओं ने कहा कि जब हम संस्थान में आए तो बिल्कुल अजनबी थे, मन में एक अजीब सा डर और झिझक सी थी, लेकिन कुछ ही दिनों में सभी के अपनेपन और प्यार ने हमें आई.आई.एस. परिवार का हिस्सा बना लिया। 

छात्रा कार्यकारिणी समिति की घोषणा- संस्थान की विभिन्न गतिविधियों के सुचारू संचालन तथा योग्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता जाग्रत करने के उद्देश्य से इस अवसर पर शैक्षणिक वर्ष 2010-11 की छात्रा कार्यकारिणी समिति की घोषणा की गई। चुने गए पदाधिकारियों को कुलपति डॉ. अशोक  गुप्ता ने शपथ ग्रहण कराई।

हैड गर्ल का दायित्व अदिति डोलिया को सौंपा गया। सांस्कृतिक अध्यक्ष का पद करणी पंवार को दिया गया और उप सांस्कृतिक सचिव एवं एफ.एम. समन्वयक सखी हरीश को बनाया गया। सांस्कृतिक सचिव दिवोलिका शर्मा को बनाया गया। सुरभि मिश्रा को संस्थान गतिविधि समन्वयक, खेल चुना गया। कैंपस गतिविधियों का समन्वयक श्रद्धा चौधरी एवं कोनिका शर्मा को बनाया गया। आई.सी.जी. की पी जी काउंसिल की अध्यक्ष कृतिका शर्मा को बनाया गया। 

डांस पार्टी में झूमी सभी छात्राएं- समारोह के अंत में आयोजित डांस पार्टी में सभी थिरकने पर मजबूर हो गये और सीनियर व जूनियर सभी छात्राओं ने जमकर डांस किया। 
अंत में जूनियर्स ने करणी पंवार को मिस शिमर एण्ड शाईन, चार्वी तान्या दत्ता को मिस चार्मिंग और अदिति डोलिया को लेडी ऑफ द ईवनिंग का टाईटल दिया गया। 

'जो करे जोकर-अशोक चक्रधर

जयपुर। मेरा मानना है कि साहित्य मनुष्य को समझ देता है, और समाजहित में सोचने का नजरिया भी। साहित्य हम में मनुष्यता का भाव पैदा करता है। मेरी साहित्य और हास्य में रुचि भी इस समझ के साथ बढ़ती गई और दिनों-दिन मैं इसमें डूबता गया। साहित्य हमारी विरासत है और नवविचारों के साथ क्रांति की पहल करने वाला सशक्त माध्यम भी। इसे समझने वालों की भी कोई कमी नहीं है। 

पहल पर उड़ती है, हंसी
लीक से हटकर काम करने वालों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पहल करने वाले हंसी का पात्र बनाए जाते हैं, चाहे उनकी पहल ने सफलता के कीर्तिमान ही क्यों न स्थापित कर लिए हो। मनुष्य की इसी पहल पर मेरी नई किताब 'जो करे जोकरÓ जल्द ही पब्लिश होने वाली है। इसमें मैंने पहल करने वाले की मनोदशा और समाज की प्रतिक्रिया पर चर्चा की है।
साहित्य का घाट
मैं इस लिट्रेचर फेस्टिवल में पहली बार आया हूं। लेकिन एक जगह पर इतने सारे कलाकार, साहित्यकार और लेखन से जुड़े लोग एकत्रित हुए हैंं, वाकई अद्ïभुत है। देश-विदेश के विचारकों से यहां मिलना-बात करना साहित्य के लिए बेहद सुखद है। ये फेस्टिवल 'साहित्य का घाटÓ है, यहां की हर बात निराली है।

आईएएस परीक्षा के नए पैटर्न को मंजूरी...बदलाव हैं आपके पक्ष में

जयपुर. आईएएस एग्जाम की तैयारी कर रहे युवाओं में इन दिनों खासी बेचैनी का माहौल नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले ही राज्यसभा ने आईएएस परीक्षा के नए पैटर्न को मंजूरी दी है। उसके बाद से ही देश भर में युवाओं के बीच इसके नए स्वरूप को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सिविल सेवा के प्रीलिम्स में वैकल्पिक विषय की जगह एप्टीट्यूड टेस्ट के फैसले के बाद स्टूडेंट्स में सबसे ज्यादा घबराहट इस बात को लेकर है कि नया स्वरू प कैसा होगा। जस्ट जयपुर ने इस विषय पर विशेषज्ञों के साथ ही विभिन्न पदों पर कार्यरत आईएएस अधिकारियों से भी बात कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर यह बदलाव कितना सही है और इसका युवाओं पर कितना प्रभाव पड़ेगा। 

बदलाव समय की जरूरत 
सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. किरण सोनी गुप्ता कहती हैं कि लोक सेवा आयोग की आईएएस परीक्षा के लिए किए जा रहे बदलाव युवाओं के हित में है। हमें यह समझना चाहिए कि आईएएस अफसर की चुनौतियां और जिम्मेदारियां समय के साथ ज्यादा चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं। ऐसे में एक ऐसी परीक्षा से युवाओं को चुनना, जिसमें सब्जेक्टिव नॉलेज का ज्यादा महत्व हो, अधिक प्रासंगिक नहीं रह जाता। एप्टीट्यूड टेस्ट इस मामले में मददगार हो सकता है। इसके माध्यम से ऐसे युवा सामने आएं जो सही मायने में आईएएस को किसी ग्लैमर और सुविधापूर्ण कॅरियर की जगह समाज में बदलाव का जरिया मानते हैं। मुझे यह सुनने में आ रहा है कि ग्रामीण युवाओं में परीक्षा के नए स्वरूप को लेकर बेचैनी व घबराहट है। उन्हें यह समझना चाहिए कि नया स्वरूप कोचिंग की जरूरतों को कम करेगा और प्रतिभा को अधिक नैसर्गिक तरीके से निखारने का काम करेगा। 
युवाओं को मिलेंगे अवसर 
दूरदर्शन केन्द्र जयपुर की समाचार निदेशक प्रज्ञा पालीवाल गौड़ का कहना है कि नए स्वरूप में परीक्षा अनावश्यक श्रम को समाप्त करने वाली है। यह वास्तव में युवाओं को यह अवसर देगी कि वह संघ लोक सेवा आयोग के साथ दूसरी परीक्षाओं की तैयारी और अपने लिए कुछ करने के बारे में भी सोच सकते हैं। मौजूदा परीक्षा का दोष यह है कि इसमें अपनी उम्र के सबसे ऊर्जावान दौर में युवा केवल आईएएस की तैयारी ही करते रहते हैं और जो सफल नहीं हो पाते, उनके लिए अंतिम समय तक दूसरे दरवाजे बंद हो चुके होते हैं। नई प्रणाली कोचिंग संस्थानों पर लगाम लगाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। 
क्या कहते हैं एक्सपट्र्स 
हमें यह समझना होगा कि आईएएस की परीक्षा पास और फेल होने की परीक्षा नहीं है बल्कि चयन होने की परीक्षा होती है। यानि कि अगर पेपर कठिन है तो सबके लिए कठिन है और सरल है तो सबके लिए सरल है। वर्तमान स्वरूप में यह परेशानी है कि किसी विषय का पेपर सरल हो सकता है और किसी विषय का पेपर कठिन और मूल्यांकन की पद्धति स्केलिंग से होती है, जिसे अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है। इस तरह युवाओं की योग्यता वास्तव में एक स्तर पर जांची नहीं जा सकती है। इसलिए यह नया स्वरूप ज्यादा महत्वपूर्ण, प्रासंगिक और उपयोगी है। यह एक किस्म की ऐसी व्यवस्था है, जिसमें हम युवाओं की स्वाभाविक योग्यताओं का पता लगाएंगे। एप्टीट्यूड टेस्ट से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह मोटे तौर पर आपकी पर्सनेलिटी और विजनरी चीजों को दर्शाने वाला होता है। इसकी तैयारी कम समय में आसानी से हो सकती है। कोचिंग संस्थानों में घबराहट उनके अस्तित्व को लेकर है। यही वजह है कि वे लोग युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं। 
यह करें युवा 
जनरल नॉलेज जिसमें देश-विदेश की राजनीतिक, आर्थिक स्थितियां, उनके विश्लेषण और वैश्विक नीतियों के दूरगामी परिणाम, इतिहास की विस्तृत जानकारी शामिल होती है, उस पर ज्यादा जोर देना चाहिए। जब तक मुख्य परीक्षा के बारे में कोई सूचना नहीं आ जाती, युवाओं को निश्चिंत होकर अपनी तैयारी करते हुए जनरल नॉलेज और अपनी पर्सनेलिटी डवलपमेंट के बारे में सोचना चाहिए। इस समय का इस्तेमाल अपनी अंग्र्रेजी को बेहतर बनाने और खुद को प्रस्तुतिकरण में दक्ष बनाने में करना चाहिए। 
(यह राय विभिन्न विशेषज्ञों जिनमें कोचिंग संचालक, आईएएस ऑफिसर्स और शिक्षाविद् शामिल हैं, से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है) 

वर्ष १९७९ में सबसे पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा के पुराने मॉडल को बदला गया था। उस समय सीधे मुख्य परीक्षा होती थी और परीक्षा का माध्यम केवल अंग्र्रेजी ही था। इस मायने में यह बदलाव बेहद क्रांतिकारी साबित हुआ क्योंकि इसने हिंदी के युवाओं के लिए कॅरियर की बड़ी बाधा दूर कर दी थी। इन बदलावों की विधिवत जानकारी भी दिसम्बर,१९७९ में ही जारी की गई थी और नए स्वरूप की पहली परीक्षा १९८० में हुई थी। 
आईएएस की जरूरतों को पूरा करेगा एप्टीट्यूड टेस्ट 
आईएएस की कोचिंग देने वाले एक संस्थान से जुड़े कुशाग्र व्यास बताते हैं कि सब्जेक्टिव पैटर्न में कई एेसे विषयों का समावेश है, जिनकी आईएएस अधिकारी के दैनिक कार्यों में कोई जरूरत नहीं होती। जब एमएनसीज में इसी एप्टीट्यूड टेस्ट पैटर्न पर सीईओज व डायरेक्टर्स को जॉब मिल पाती है तो सरकारी नौकरशाही में भी कॉर्पोरेट कंपनीज की तर्ज पर एक्सपर्ट उम्मीदवारों को ही यह अवसर मिलना चाहिए। आईएएस परीक्षा में एप्टीट्यूड टेस्ट प्रणाली का हमें स्वागत करना चाहिए क्यांेकि इसमें रीजनिंग, एल्युमेंट्री मैथेमेटिक्स, लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी, साइकोमेंट्री टेस्ट, करंट अफेयर्स, सर्विस एटीट्यूड, डे-टू-डे फंक्शनिंग आदि का समावेश किए जाने की संभावना है और यह सब एक आईएएस अधिकारी के दैनिक कार्य में बेहद उपयोगी सिद्ध होंगे।  

जयपुर विकास प्राधिकरण की सेक्रेट्री गायत्री राठौड़ का कहना है कि आईएएस एग्जाम में सब्जेक्टिव पैटर्न की बजाय एप्टीट्यूड टेस्ट मेरी नजर में बहुउपयोगी साबित होगा। एक आईएएस अधिकारी को अपने कार्य के दौरान कई गंभीर मुद्दों पर एेसे निर्णय लेने होते हैं जो कि आमजन के एक पक्ष के लिए फायदेमंद होने के साथ ही दूसरे पक्ष के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं। एेसे में सर्वजन हित को सर्वोपरि रखते हुए केवल वही अधिकारी सही कदम उठा सकता है जिसकी एनालिटिकल स्किल्स बेहतर हों। एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिए चयनित होने वाले अधिकारियों में एनालाइजिंग पावर मजबूत होने से उनके निर्णयों व कार्यों से व्यवस्था में सुधार आएगा, वहीं नई प्रणाली से आईएएस का सलेक्शन प्रोसेस और ज्यादा निखरेगा। 

जब खोला इस ने अपना जिपर...

कहा जाता है कि सेक्स का और "सामान" का बरसों पुराना नाता है। लेकिन यहां तो बात ही कुछ अलग है...
क्या किसी सेक्सी और कामुक हसीना, जो खुद ही कम से कम कपड़े पहनती हो, को आप बिना "जिपर" के इमेजिन कर सकते हैं...
नहीं ना लेकिन ऎसा हुआ इस हसीना के साथ...
इस बला की सेक्सी और बिंदास एडल्ट स्टार जो कि सब तरफ अपने "सेक्सी सामान" के लिए जानी जाती हैं को सबके सामने अपना जिपर खोलते देखा गया।
और फिर वह हो गया जो किसी ने नहीं सोचा था...
उसका प्रिय "सामान" सबके सामने था...
जिस सामान को उसने कभी पूरी तरह से किसी को नहीं दिखाया था आज उसका वही "सेक्सी सामान" सबकी निगाहों के सामने था।
हर कोई उसके इस "सेक्सी सामान" को भूखी नजरों से ताक रहा था मानो कि उसे चुरा ही ले जाएगा।
उसका वह फाइव स्टार होटल का कमरा जहां वह रूकी थी उसके इस "सेक्सी सामान" के मायाजाल में फंस कर रह गया था। लोग कमरे को कम और उस सामान को ज्यादा देख रहे थे।
इस बला की कामुक हसीना का कहना था कि लोगों को लगता है उसे यह सब क रना अच्छा लगता है लेकिन मैं क्या करूं मेरा "सामान" ही इतना ज्यादा है कि मैं खुद कुछ नहीं कर सकती।
मैं जहां जाती हूं वहीं पर लोग मेरे इस सामान के बारे में काफी उत्सुक रहते हैं और उसे बार बार देखना चाहते हैं।
और अब कुछ बात हो जाए उसके इस सामान की जिसकी वजह से यह इतनी ज्यादा हैरान हो जाती है...
चार बक्सों में भरा पोर्न स्टार ताशा रिन जो सामान सब के सामने था उसकी जरा फेहरिस्त तो देख लीजिए...
सेक्स टॉयज
लिंगरी
सेक्सी टीशर्ट्स
ग्लिटर्स
ब्रोंजर्स
नकली आईलेशेज
सेक्स के खिलौने
सेक्सी कपड़े
और भी न जाने क्या क्या सेक्सी चीजें भरीं थी इन बक्सों में जिन्हें ताशा हर उस जगह अपने साथ लेकर जाती हैं जहां भी उनकी शूट की जाती है। 

सैकंड ईनिंग्स का जश्न

जयपुर। कहते हैं खुश रहने के बहाने नहीं तलाशने पड़ते, बस खुश रहना आना चाहिए।  ऐसे ही मिसाल दे रहे हैं जयपुर के कुछ वरिष्ठ नागरिक। जिंदगी की सैकंड ईनिंग्स में भी इन लोगों ने अपने घर-परिवार के एक और आशियाना बनाया हुआ है जहां अपने अनुभवों, विचारों के साथ अपने हमउम्र लोगों के हितार्थ का कर रहे हैं। ये लोग खुद सक्रिय रहने के साथ दूसरों के काम आकर लोगों के आदर्श बने हुए हैं। संगठित रूप 'वरिष्ठ नागरिक परिषदï्Ó के जरिए इन्होंने अभी तक कई जिम्मेदारियों को हाथ में लिया और लोगों के लिए मददगार बने हैं।
जन्मदिन का निराला जश्न
यहां परिषद् के सदस्य अपना जन्मदिन कभी अकेले नहीं मनाते और न ही जन्म दिवस के दिन कोई आयोजन होता। यहां की रीत निराली है, प्रत्येक महीने के अन्तिम शुक्रवार को उस महीने में पैदा हुए सभी लोगों का एक साथ जन्मदिन समारोह आयोजित करते हैं। इसमें खुशियों कई गुना बढ़ जाती हैं। जुलाई माह में तो एक साथ १५ से २० लोग जन्म दिन मनाते हैं। खुशियों को डबल करने का यही अंदाज इनकी जिंदादिली का राज भी है जो छोटी से छोटी खुशी जश्न बना देता है। परिषद् के अध्ययक्ष डॉ.केएल जैन का कहते हैं कि ये छोटी-छोटी ख्ुाशियां ही जिंदगी को खुशनुमा अहसाह देती है।

राज राठौड़ बने बेस्ट राइडर

जयपुर. शिमला में आयोजित इंटरनेशनल रेसिंग इवेंट 'रेड डी हिमालयÓ में जयपुर के राज सिंह राठौड़ ने एडवेंचर कार रेसिंग कैटेगरी में पहला स्थान हासिल किया है। आठ अक्टूबर से शुरू हुए इस इवेंट में दुनियाभर से आए राइडर्स को उन्होंने पीछे छोड़ते हुए पहली बार  राजस्थान को शीर्ष खिताब दिलाया। सात दिनों की इस फोर व्हीलर रेंसिंग में राज प्रदेश से अकेले पार्टिसिपेंट थे, जबकि टू व्हीलर रेंसिंग में जयपुर के दो बाइकर नितिश शर्मा सतवीर सिंह भी शामिल थे।

रफ टैरेन पर २००० किलोमीटर
शिमला से शुरू हुई इस रेसिंग में कुल्लू, टाबू, कीलोंग, मनाली के बीच रफ टैरेन में २००० किलोमीटर कार ड्राइव करनी थी। राज ने बताया कि यहां का तापमान १० डिग्री से नीचे था और टफ ड्राइविंग कंडीशन्स में स्पीड से आगे बढऩा खतरों से खाली नहीं था, लेकिन फिर भी हम सबसे आगे रहे। मेरे साथ नेविगेटर के रूप में बैंग्लूरु के चंद्रशेखर ने भी इस दौरान बराबर साथ दिया।

पहले भी जीते कई अवॉर्ड
राज इससे पूर्व २००८ में रेड डी हिमालय की एटीवी ऑल टैरेन व्हीकल कैटेगरी के विजेता रह चुके हैं। तब उन्हें 'मॉस्ट डेयरिंग राइडिंग ऑफ ऑलÓ के अवॉर्ड से नवाजा गया। इसी वर्ष फरवरी में डीजर्स स्ट्रॉम-२०१० एडवेंचर कैटेगरी में भी विनर रहे हैं।

दुनियाभर के राइडर्स थे मौजूद
रेड डी हिमालय इवेंट में विभिन्न कैटेगरीज में देश-विदेश से आए राइडर्स ने पार्टिसिपेट किया। राज राठौड़ के अनुसार इनमें एडवेंचर कैटेगरी में कुल ७२ एंट्रीज थी। इनमें जिप्सी, स्र्कोपियो और अन्य एसयूवी शामिल थे। 

अकाउंटेंसी में बढ़ी 'सीमा' से उम्मीद


-एजुकेशन ट्रेंड- सीए, आईसीडब्लूएआई के साथ अकाउंटेंसी स्टूडेंट्स को 'चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स' कोर्स ऑफर।

जयपुर. अकाउंटेंसी के साथ अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाले जयपुर के युवाओं के लिए इस वर्ष से 'सीमाÓ (चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स) के रूप में नया ऑप्शन मिलने जा रहा है है। अभी तक अकाउंटेंसी से जुडें़ सीए और आईसीडब्ल्यूएआई ही कॅरियर ऑप्शन के रूप में उपलब्ध थे, लेकिन अब ब्रिटेन के चार्टर प्राप्त 'सीमाÓ  का 'मैम्बर ऑफ सीमाÓ कोर्स भी शहर में शुरू होने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देश में करीब एक दर्जन इंस्टीट्यूट्स में इस कोर्स को शुरू करने के बाद 'सीमाÓ राजस्थान में इसे लॉन्च करने जा रहा है और इसी शुरुआत जयपुर से हो रही है। 

लुभा रहा इंटरनेशनल सॢटफिकेशन 
सीमा के इस 'मैम्बर ऑफ सीमाÓ कोर्स के लिए हायर सेकंडरी एजुकेशन के बाद कोई भी कर सकता है।  शहर के कॉमर्स स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को यह इस लिए भी लुभा रहा है क्यों कि करीब 165 देश सीमा से रजिस्टर्ड हैं और दुनिया के अधिंकाश देशों में इसके कोर्स को मान्यता प्राप्त है। सुबोध पब्लिक स्कूल के १२वीं कॉमर्स की स्टूडेंट मृणाली बताती हैं कि सीए, सीएस और आईसीडब्लू की जगह इस कोर्स से उन्हें विदेशों में जॉब्स के अधिक अवसर मिलेंगे तो क्यों न इसी से कॅरियर की शुरुआत करें। 
साल में दो बार एग्जाम
सीमा के इस कोर्स के लिए साल में दो बार एग्जाम होते हैं। मई में होने वाले एग्जाम्स के लिए जनवरी और नवम्बर में होने वाले एग्जाम्स के लिए जुलाई तक रजिस्ट्रेशन कराना होता है। पोद्दार इंटरनेशनल कॉलेज के डायरेक्टर आनन्द पोद्दार के अनुसार इस कोर्स के लिए क्वालिफिकेशन 12वीं पास है और कोर्स के बाद स्टूडेंट यानी सीमा मैम्बर्स फाइनेंस और मैनेजमेंट का एक्सपट्र्स में शामिल हो जाता है। 
ऐसे बनेंगे मैम्बर ऑफ सीमा
सीमा इंडिया के नेशनल हैड (पब्लिक रिलेशंस) अवनीश सिंह ने बताया कि जयपुर में उपलब्ध होने वाला सीमा सर्टिफिकेट कोर्स पांच लेवल होगा। पहला लेवल फंडामेंटल्स को होगा जिसमें पांच पेपर होंगे। कॉर्पोरेट गवर्नेन्स व बिजनेस लॉ के फंडामेंटल्स, बिजनेस मैथेमैटिक्स,  मैनेजमेंट व फाइनेंशियल अकाउंटिंग और इकोनॉमिक्स और एथिक्स हैं। इस लेवल पर 'दी सीमा सर्टिफिकेट इन बिजनेस अकाउंटिंगÓ सर्टिफिकेट अवार्ड किया जाएगा। इसके बाद 'ऑपरेशनलÓ लेवल, 'मैनेजमेंटÓ लेवल 'स्ट्रैटजिकÓ लेवल और  अंतिम 'प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसÓ लेवल होगा। इन सभी पांचों लेवल पूरे करने पर मैम्बर ऑफ सीमा अवार्ड किया जाएगा। जहां इसकी फीस करीब साढ़े तीन सौ पाउंड होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन व एनुअल सबस्क्रिप्शन फीस शामिल नहीं है।
सीए और आईसीडब्ल्यू को फायदा
मानसरोवर स्थित एक कॉलेज में शुरू किए गया यह कोर्स ढाई साल का होगा, जिसके प्रत्येक लेवल के कम्पलिट होने पर सर्टिफिकेट अवार्ड मिलेगा। इस कोर्स की एक खाशियत यह भी है कि सीए, सीएस और  आईसीडब्ल्यूएआई मैम्बर्स को इस कोर्स के कुछ पेपर्स नहीं देने होंगे। सीमा की आरे से उनके अकाउंटेंसी नॉलेज के आधार पर यह सुविधा दी जाएगी। 

ये स्मार्टफोन एप कर टेंशन फ्री

JAIPUR: Are you worried that
your son instead of attending
classes in college is hanging out
in malls with friends and hides
the fact from you? Or do you
feel apprehensive about your
daughter's return to home
after tuition?
But now there is an app that can put thesejitters to rest as you can track their movement on real time
basis. And all one needs is two
cellphones that have Android
or iOS operating system.
Developed by city-based
Yusata Infotech, the app works
on a system of geo-fencing
where the movements of
people, vehicles, and stay-time
are pre-set, as per one's needs.
Any violation of the route or
duration of stay at any point of
travel can immediately be
alerted to the tracker.
"The app is simple to operate
and designed to cater to
multiple segments of the
society. While the personal
tracker helps parents gain
access to their children's
movement when they are out
for studies or shopping, the
enterprise version of YLogApp
acts as a tool for optimising
resource utilization in
companies engaged in
marketing, distribution and
logistics," said Sunil Karwasra,
technical director of Yusata
Infotech.
Through the use of smart
phone device having Android
or iOS operating system and
GPRS, the software keeps a
watch on schedule, manages
the stops in journey, follows
compliance of delivery. If the
schedule is not followed, the
geo-fence management system
sends alerts the tracking
mobile device. "No IT
infrastructure required at the
client's end and everything is
managed by Yusata Infotech-
licensed software," added
Karwasra.
Corporations like JSW Steel,
Toyota Kirloskar Motors, IOC,
HPCL Mittal Energy, GIONNIE
Mobile and DPS are currently
doing trial runs of the software
for commercial integration.
"The company has adopted a
monthly subscription model
with personal tracker service
costing Rs 300 and going up to
Rs 900 in case of enterprise
use. The most important
savings is that there is no need
to buy a GPS device, which
costs in the range of Rs
6,000-10,000 per month, per
vehicle," said Jayant

इतना होने के बाद भी सेक्सकरना नहीं छोड़ती ये लड़की

अक्सर लोग परेशानी में सेक्स जैसी चीजों को बिलकुल नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये लड़की ऐसा नहीं करती। 40 साल की मॉडल और अभिनेत्री तोरी स्पेलिंग ने कम उम्र में ही काफी कुछ झेला है। तोरी को अपने पिता की संपति से भी कुछ नहीं मिला।
डेली मेल की खबर के मुताबिक, 40 साल की इस हसीना को 2006 में टीवी प्रोड्यूसर पिता आरोन स्पेलिंग की मौत के बाद उनकी संपत्ति से कुछ नहीं मिला।
पिछले छह सालों में तोरी ने चार बच्चों को जन्म
दिया। इतना ही नहीं, आखिरी बच्चे के जन्म के
वक्त तोरी को तकरीबन 50 दिन अस्पताल में
बिताने पड़े।
पीपुल मैग्जीन के मुताबिक, तोरी ने इन सब
परेशानियों के बाद भी अपने 47 वर्षीय
पति को सेक्स से वंचित नहीं रखा। कई
परेशानियों के बाद भी तोरी की सेक्स लाइफ
एकदम सही है।

ब्रेवली हिल्स की नायिका रह चुकी तोरी के
लिए जीवन में सेक्स पहली प्राथमिकता है।
आपको जानकर हैरानी होगी तीसरे बच्चे के
जन्म होने के एक महीने के बाद ही तोरी फिर से
गर्भवती हो गई थी।
तोरी कहती हैं कि वे अपने पति को सेक्स से
वंचित नहीं रखना चाहती।
 

नवम्बर में सीबीएसई शुरू करेगा कम्युनल हार्मनी कैम्पेन

जयपुर. सोसायटी को भाईचारा का पाठ पढ़ाने के लिए अब स्कूली स्टूडेंट्स एकजुट होकर साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करेंगे। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन और द नेशनल फाउंडेशन फॉर कम्युनल हार्मनी (एनएफसीएच) की ओर से जल्द ही स्कूलों में 'कम्युनल हार्मनी कैम्पेनÓ की शुरुआत की जाएगी। इसमें बच्चों के माध्यम से लोगों को धर्मनिरपेक्ष, समाजहित और देश की प्रगति में भागीदार बनने का पाठ पढ़ाया जाएगा। अभियान की शुरुआत १९ नवंबर से होगी। 

निराश्रितों के लिए फंड भी
कैम्पेन के तहत साम्प्रदायिक, जाति, नस्लीय भेदभाव और आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और इसके खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए सीबीएसई स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं, सेमीनार, वर्कशॉप्स आदि आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा स्कूलों में आतंकी घटनाओं से प्रभावित व निराश्रित बच्चों की मदद के लिए आर्थिक सहायता भी जुटाई जाएगी। एकत्रित की गई राशि को गृह मंत्रालय की स्वायत्तशासी संस्था एनएफसीएच के सहयोग से अनाथ व निराश्रितों के पुनर्वास के लिए उपयोग में लिया जाएगा।
स्कूल से सोसायटी तक संदेश
इस अभियान के लिए शहर के स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा अभी से तैयार होने लगी है। विद्याश्रम स्कूल की प्रिंसीपल लता वोहरा बताती हैं, बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के बाद से स्कूल स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस कैम्पेन से बच्चों के माध्यम से कम्युनल हार्मनी का संदेश पैरेंट्स और सोसायटी तक पहुंचेगा। यह प्रयास सोसायटी की तमाम बुराइयों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित होगा। 
विकसित होगा बच्चों का नजरिया 
एमजीडी गल्र्स स्कूल की प्रिंसीपल सुनीति शर्मा कहती हैं, बोर्ड की ओर से शुरू किए जा रहे इस अभियान से लोगों को कम्युनल हार्मनी का सबक तो मिलेगा ही साथ ही बच्चों की अलग सोच भी विकसित होगी। इसके अलावा उन्हें विभिन्न वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।

Rare difficult heart surgery

Jaipur. A rare difficult heart surgery performed by Eternal Heart Care Centre doctor's team.

It includes a message to face the problem and seek the solution.

Patient was injured in a road accident and found severe heart disease at the time of orthopedic operation. Heart surgery was ultimate  solution for his treatment and life threaten. EHCC Hospital team under the leadership of Dr. CP Srivastava, most experienced heart surgeon of the State and his team.

PGTI Ahmedabad Masters

Ahmedabad. February 2, 2014: The Pro-Am event of the PGTI Ahmedabad Masters presented by Kalhaar Blues & Greens was won by Chandigarh-based professional Harendra Gupta and his team on Sunday. The leading amateur golfers from Ahmedabad competed at the Pro-Am event.

 

The Pro-Am was played in the team scramble format where the team’s best ball was chosen on every shot including the putting green. After the best ball was chosen all other players were to place their ball within one Score Card length before continuing play. Each team consisted of one professional and three amateurs.

 

PGTI member Harendra Gupta led his team to victory with a score of 54.2. Gupta’s team comprised of amateurs Mr. Yash Shah, Mr. Vishal Desai and Mr. Biren Patel. They won on a count-back of the last nine holes.

 

PGTI member Shankar Das’ team also posted a score of 54.2 to finish second. Das’ team comprised of amateurs Mr. Bhavesh Dave, Mr. Manish Choksi and Mr. Dharmesh Acharya.

जयपुर में गणगौर माता की सवारी के दौरान रहेगी यातायात की विशेष व्यवस्था

पुलिस उपायुक्त यातायात श्री हैदर अली जैदी ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गणगौर माता की सवारी 30 एवं 31 मार्च को साय 6 पी.एम पर न...